राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ बने पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, चढ़ावा चोरी विवाद के बीच संभालेंगे कमान

सीईओ के चयन के लिए गठित समिति ने राम मंदिर ट्रस्ट को तीन नामों का पैनल सौंपा था। इनमें पूर्व आईपीएस राजेश पांडेय और पूर्व आईएएस दिनेश चंद्र के नाम भी शामिल थे। ट्रस्ट ने विचार-विमर्श के बाद जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगाई।

राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ बने पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, चढ़ावा चोरी विवाद के बीच संभालेंगे कमान
i

अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी विवाद के बीच सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया गया है। लंबे सैन्य अनुभव और बड़े संस्थानों के संचालन में दक्षता रखने वाले मिश्रा अब राम मंदिर की दैनिक प्रशासनिक व्यवस्था, श्रद्धालु सुविधाओं और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी संभालेंगे।

सीईओ के चयन के लिए गठित समिति ने राम मंदिर ट्रस्ट को तीन नामों का पैनल सौंपा था। इनमें उत्तर प्रदेश पुलिस के पूर्व आईपीएस अधिकारी राजेश पांडेय, बिहार के पूर्व डीजीपी डॉ. परेश सक्सेना और पूर्व आईएएस दिनेश चंद्र के नाम भी शामिल थे। ट्रस्ट ने विचार-विमर्श के बाद जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगाई।

ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने बैठक में लिये गये निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि सीईओ पद के लिये 5,585 आवेदनों में से चयनित किए गए तीन उम्मीदवारों में से मिश्रा को इस पद के लिये चुना गया। उन्होंने कहा कि बैठक में अयोध्या के मदन मोहन पांडेय, दिल्ली के महेश भागचंदका और शिकोहाबाद की डॉक्टर निर्मला यादव को ट्रस्ट में नए ट्रस्टी के तौर पर शामिल करने का निर्णय भी लिया गया है।


सीईओ नियुक्त किये गये उत्तर प्रदेश के देवरिया के निवासी एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा ने आपरेशन सिंदूर के दौरान पश्चिमी वायुसेना कमान की अगुवाई की थी। जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना में करीब चार दशक तक विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं। उन्होंने छह दिसंबर 1986 को फाइटर पायलट के रूप में भारतीय वायुसेना में कमीशन प्राप्त किया था। अपने सैन्य करियर के दौरान उन्होंने विभिन्न प्रकार के 18 से अधिक विमानों पर उड़ान भरी और तीन हजार घंटे से ज्यादा का उड़ान अनुभव हासिल किया।

इसे भी पढ़ेंः राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ की तैनाती का कोई मतलब नहीं, चंदा चोरी करने वाले बच नहीं पाएंगेः अवधेश प्रसाद

जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना की पश्चिमी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ भी रह चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने एकीकृत रक्षा स्टाफ में उप प्रमुख (सिद्धांत, संगठन एवं प्रशिक्षण) समेत कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। उन्हें संचालन, रणनीतिक योजना, नेतृत्व और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय का व्यापक अनुभव है।

एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा का सैन्य करियर रणनीतिक और संवेदनशील जिम्मेदारियों से जुड़ा रहा है। वह भारतीय वायुसेना की पश्चिमी वायु कमान का नेतृत्व कर चुके हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी पश्चिमी कमान की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी उनके पास थी। ऐसे में सुरक्षा, संचालन और विभिन्न संस्थाओं के बीच समन्वय का उनका अनुभव महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए