गौरी लंकेश के हत्यारे ने किया स्वीकार, कलबुर्गी की हत्या में भी था शामिल 

जुलाई में एसआईटी ने कहा था कि गौरी लंकेश हत्याकांड की गुत्‍थी लगभग सुलझ गई है और जल्द ही इस मामले की जांच बंद होने वाली है। जुलाई में एसआईटी ने हुबली के दो निवासी अमित राघवेन्द्र बद्दी और गणेश मिसकिन को गिरफ्तार किया था।

फोटो: सोशल मीडिया 
फोटो: सोशल मीडिया
user

नवजीवन डेस्क

पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या मामले में एसआईटी द्वारा गिरफ्तार एक संदिग्ध गणेश मिसकिन ने स्वीकार किया है कि वह प्रोफेसर एमएम कलबुर्गी की हत्या में भी शामिल था। खबरों के मुताबिक, गणेश मिसकिन ने एसआईटी को बताया कि वह उन लोगों के साथ था, जिन्होंने कलबुर्गी को मारने से पहले उनके घर का दरवाजा खटखटाया था। गौरी लंकेश हत्या मामले की जांच कर रहे एसआईटी के अनुसार गणेश मिसकिन वही शख्स है जो गौरी लंकेश के हत्यारे परशुराम वाघमारे को बाइक पर बैठाकर लाया था।

इस पहले जुलाई में एसआईटी ने कहा था कि गौरी लंकेश हत्याकांड की गुत्‍थी लगभग सुलझ गई है और जल्द ही इस मामले की जांच की फाइल बंद होने वाली है। जुलाई में एसआईटी ने हुबली के दो निवासी अमित राघवेन्द्र बद्दी और गणेश मिसकिन को गिरफ्तार किया था।

गौरी लंकेश हत्या मामले में अभी तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उनमें से कई संदिग्धों का संबंध कट्टर हिंदूवादी समूह जनजागृति समिति और सनातन संस्था से हैं।

बता दें कि कलबुर्गी की हत्या धारवाड़ में साल 2015 में की गई थी। पत्रकार और एक्टिविस्ट गौरी लंकेश की हत्या बैंगलुरु में पिछले साल सितंबर में उनके घर के बाहर कर दी गई थी।

Google न्यूज़नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia


Published: 16 Aug 2018, 7:55 PM