गाजियाबाद बहनों के सुसाइड केस में बड़ा खुलासा, पिता की 3 शादियां, लिव-इन रिलेशन और संदिग्ध मौत का कनेक्शन

गाजियाबाद की भारत सिटी सोसायटी में तीन सगी बहनों की आत्महत्या के मामले में पिता चेतन गुर्जर का जटिल पारिवारिक इतिहास, पुराना संदिग्ध केस और ऑनलाइन गेमिंग एंगल सामने आया है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की भारत सिटी सोसायटी में तीन सगी बहनों की आत्महत्या का मामला जैसे-जैसे आगे बढ़ा, वैसे-वैसे इसकी कहानी और भी जटिल होती चली गई। शुरुआती तौर पर इसे एक पारिवारिक त्रासदी माना जा रहा था, लेकिन पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों ने इस केस को कई सवालों के घेरे में ला दिया है।

जांच के केंद्र में पिता चेतन गुर्जर

पुलिस जांच का फोकस इन दिनों लड़कियों के पिता चेतन गुर्जर पर टिका है। जांच में सामने आया है कि चेतन ने कुल तीन शादियां की थीं और हैरानी की बात यह है कि उसकी तीनों पत्नियां, सुजाता, हिना और टीना आपस में सगी बहनें हैं।

  • पहली पत्नी सुजाता से चेतन को एक बेटा और एक बेटी निशिका है

  • दूसरी पत्नी हिना से दो बेटियां प्राची और पाखी थीं

  • तीसरी पत्नी टीना से एक चार साल की बेटी देबू है

यही प्राची, पाखी और निशिका वे तीन बहनें थीं, जिन्होंने सामूहिक रूप से आत्महत्या की।


पुराने मामले फिर खंगाल रही पुलिस

चेतन गुर्जर का अतीत भी जांच एजेंसियों के लिए अहम बन गया है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, साल 2015 में चेतन गाजियाबाद के साहिबाबाद (राजेंद्र नगर कॉलोनी) में एक महिला के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था। उस दौरान उस महिला की फ्लैट की छत से गिरकर मौत हो गई थी।

हालांकि उस समय की जांच में इस घटना को सुसाइड माना गया था, लेकिन मौजूदा घटनाक्रम के बाद पुलिस अब उस पुराने केस की फाइलें भी दोबारा खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पुराने रिकॉर्ड्स को मौजूदा केस से जोड़कर देखा जा रहा है।

पुलिस की जांच लगभग पूरी

डीसीपी ट्रांस हिंडन की निगरानी में चल रही जांच अब अपने अंतिम चरण में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अब तक की पड़ताल में इस मामले को पूरी तरह आत्महत्या का ही केस माना जा रहा है। साथ ही, परिजनों को इस मामले में क्लीन चिट देने की तैयारी भी चल रही है।


सुसाइड नोट और पिता से भावनात्मक जुड़ाव

पुलिस के मुताबिक, तीनों लड़कियां अपने पिता चेतन गुर्जर के बेहद करीब थीं। यह बात उनके द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट से भी साफ होती है, जिसमें उन्होंने किसी और का नहीं बल्कि अपने पिता का ही जिक्र किया है।

जांच एजेंसियां यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि क्या पिता के प्रति अत्यधिक भावनात्मक लगाव ही वह कारण था, जिसने लड़कियों को यह बेहद खतरनाक कदम उठाने पर मजबूर किया।

ऑनलाइन गेमिंग का एंगल

इस केस में एक और अहम पहलू सामने आया है, ऑनलाइन गेमिंग। एसीपी शालीमार गार्डन की जांच में यह निष्कर्ष निकला कि कुछ ऑनलाइन गेम्स ने लड़कियों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा नकारात्मक असर डाला था।

इसी आधार पर पुलिस ने एक गोपनीय रिपोर्ट लखनऊ स्थित साइबर क्राइम हेडक्वार्टर को भेजी है। रिपोर्ट में ऐसे पांच खतरनाक ऑनलाइन गेम्स की पहचान की गई है, जिन पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की गई है।


कई सवाल, कुछ जवाब

फिलहाल पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है, लेकिन पिता का जटिल पारिवारिक इतिहास, पुराने संदिग्ध केस और ऑनलाइन गेमिंग का असर, इन सबने इस घटना को साधारण से कहीं ज्यादा गंभीर बना दिया है। जांच भले ही अंतिम दौर में हो, लेकिन यह मामला समाज के सामने मानसिक स्वास्थ्य, डिजिटल खतरों और पारिवारिक रिश्तों से जुड़े कई बड़े सवाल छोड़ जाता है।


Published: 08 Feb 2026, 2:36 PM