कोरोना संकट में देश के लिए अच्छी खबर, फाइजर ने बिना मुनाफे के वैक्सीन देने की पेशकश की

फाइजर ने जानकारी में बताया है कि इसका उद्देश्य दुनिया भर के लोगों के लिए टीकों तक समान और सस्ती पहुंच प्रदान करना है। बता दें कि अमेरिकी कंपनी वैक्सीन की आपूर्ति करने के लिए अमेरिकी सरकार से 19.5 डॉलर प्रति डोज का शुल्क लेती है।

फोटोः IANS
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नवजीवन डेस्क

भारत में भयावह हो चुके कोरोना वायरस संकट और इसके खिलाफ लड़ाई में जरूरी वैक्सीन की सामने आ रही कमी के बीच एक राहत की खबर आई है। अमेरिका की प्रमुख फार्मा कंपनी फाइजर ने गुरुवार को भारत को फाइजर-बायोएनटेक वैक्सीन की आपूर्ति 'नॉट-फॉर-प्रॉफिट' कीमत पर करने की पेशकश की है। कंपनी ने पहले कहा था कि वह केवल सरकारी अनुबंधों के माध्यम से मैसेंजर आरएनए (एम-आरएनए) वैक्सीन की आपूर्ति करेगी।

फाइजर ने जानकारी में बताया है कि इसका उद्देश्य दुनिया भर के लोगों के लिए टीकों तक समान और सस्ती पहुंच प्रदान करना है। बता दें कि अमेरिकी कंपनी वैक्सीन की आपूर्ति करने के लिए अमेरिकी सरकार से 19.5 डॉलर प्रति डोज का शुल्क लेती है।

यूरोपीय संघ 2022 और 2023 में वितरित किए जाने वाले कोविड-19 टीकों की 1.8 अरब खुराक के नए अनुबंध के लिए फाइजर/बायोएनटेक के साथ बातचीत कर रहा है। यूरोपीय संघ में, फाइजर ने पिछले कुछ महीनों में अपने टीके की कीमतों में काफी वृद्धि करते हुए इसे 12 यूरो से 15.5 यूरो और फिर 2022-23 के लिए ऑर्डर प्रति खुराक की कीमत 19.5 यूरो (23 डॉलर) तय की है।

इस महीने की शुरुआत में, फाइजर ने कहा कि इसका एम-आरएनए आधारित टीका कोरोनवायरस से बचाने में 91 प्रतिशत से अधिक प्रभावी था और दूसरी खुराक के छह महीने बाद तक गंभीर बीमारी के खिलाफ 95 प्रतिशत से अधिक प्रभावी था। पिछले हफ्ते, मुख्य कार्यकारी अधिकारी अल्बर्ट बोर्ला ने पूरी तरह से निष्क्रिय होने के 12 महीनों के भीतर फाइजर/बायोएनटेक कोविड-19 वैक्सीन की तीसरी खुराक की जरूरत का प्रस्ताव दिया।

इस बीच, भारत अपने टीकाकरण अभियान का तीसरा चरण शुरू करने के लिए तैयार है, जिसमें 18 वर्ष से ऊपर के सभी लोग 1 मई से कोविड-19 के खिलाफ टीका प्राप्त करने के लिए पात्र होंगे। सरकार ने दावा किया है कि दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान के तीसरे चरण में टीकों के मूल्य निर्धारण, खरीद, पात्रता और प्रशासन को लचीला बनाया जा रहा है। इसके अलावा, राष्ट्रीय वैक्सीन रणनीति का उद्देश्य टीकाकरण मूल्य निर्धारण और वैक्सीन कवरेज को बढ़ाना है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह वैक्सीन उत्पादन और उपलब्धता को बढ़ाने के साथ-साथ वैक्सीन निर्माताओं को तेजी से उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करेगा और नए वैक्सीन निर्माताओं को आकर्षित करेगा। हालांकि, वैक्सीन की आपूर्ति को लेकर कई राज्यों ने केंद्र पर सवाल उठाते हुए कमी का आरोप लगाया है।

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