कोरोना के टीके पर अच्छी खबर, रूस ने एक और वैक्सीन को दी मंजूरी, डिप्टी पीएम ने खुद पर टेस्ट का किया दावा

वेक्टर स्टेट रिसर्च सेंटर ऑफ वायरोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी द्वारा विकसित इस कोरोना वैक्सीन को ‘एपीवैककोरोना’ नाम दिया गया है, जो कि एक पेप्टाइड-आधारित वैक्सीन है। रूस की उप प्रधानमंत्री तात्याना गोलिकोवा ने दावा किया कि वह खुद इस वैक्सीन के परीक्षण से गुजरी हैं।

फोटोः सोशल मीडिया
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आसिफ एस खान

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार को ऐलान किया कि उन्होंने दूसरी कोविड-19 वैक्सीन को पंजीकृत किया है। रूस अगस्त में पहले कोविड-19 वैक्सीन को नियामक स्वीकृति देने वाला पहला देश बना था, जब स्पुतनिक-5 वैक्सीन का आधिकारिक तौर पर पंजीकरण किया गया था। हालांकि वैज्ञानिक समुदाय में से कुछ लोगों ने इसे जल्दबाजी में उतारी गई वैक्सीन बताते हुए इसकी आलोचना भी की थी।

इस बीच रूस ने दूसरी कोविड-19 वैक्सीन की घोषणा कर दी है। विनियामक अनुमोदन प्राप्त करने के लिए आवेदन देने वाली दूसरी रूसी वैक्सीन वेक्टर स्टेट रिसर्च सेंटर ऑफ वायरोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी की ओर से विकसित की गई है। वेक्टर की इस वैक्सीन को 'एपीवैककोरोना' नाम दिया गया है, जो कि एक पेप्टाइड-आधारित वैक्सीन है।

स्पूतनिक न्यूज एंजेसी की रिपोर्ट के अनुसार रूस की उप प्रधानमंत्री तात्याना गोलिकोवा ने दावा किया कि वह खुद 'एपीवैककोरोना' वैक्सीन के परीक्षण से गुजरी हैं और उन्हें इसके दौरान किसी भी दुष्परिणाम (साइड इफेक्ट) का अनुभव नहीं हुआ है।

वहीं रिपोर्ट में कहा गया है कि राष्ट्रपति पुतिन ने ऐलान किया है कि चुमकोव केंद्र की ओर से विकसित कोविड-19 के खिलाफ तीसरी रूसी वैक्सीन भी निकट भविष्य में जल्द पंजीकृत की जाएगी। इस तरह से रूस अकेले कोरोना के खिलाफ कुल तीन वैक्सीन तैयार करने वाला देश बन जाएगा। हालांकि रूस के इन दावों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच अभी बाकी है।

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