सरकार की मीडिया को सलाह- अपने स्तर से पता लगाएं कौन है किसान आंदोलन के पीछे...

केेंद्र सरकार ने मीडिया को सलाह दी है कि वह अपने स्तर से पता लगाए कि किसान आंदोलन के पीछे कौन सी शक्तियां है। केंद्रीय मंत्रियों नरेंद्र सिंह तोमर और पीयूष गोयल ने गुरुवार के प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पत्रकारों से यह बात कही।

फोटो : सोशल मीडिया
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किसानों के आंदोलन पर एक तरफ केंद्र सरकार का दावा है कि वह किसानों की मांगों पर विचार कर रही है और उनकी शंकाएं दूर करने की कोशिश कर रही है, वहीं सरकार ने इशारा किया है कि इस आंदोलन के पीछे कुछ शक्तियों का हाथ है। दरअसल गुरुवार को केंद्र सरकार के मंत्रियों कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने अपनी प्रेस कांफ्रेंस में ऐसी बात कही जिससे केंद्र की मंशा पर सवाल उठने लगे हैं। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान दोनों मंत्रियों ने कहा कि मीडिया यह पता लगाए कि इस आंदोलन के पीछे असलियत में कौन लोग या कौन शक्तियां हैं।

प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पत्रकारों ने केंद्रीय मंत्री रावसाहैब दानवे के उस बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि किसान आंदोलन के पीछे चीन और पाकिस्तान का हाथ है। इस पर दोनों मंत्रियों ने पत्रकारों से कहा कि आप लोग इसकी जांच करिए कि आखिर इसके पीछे कौन है। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि, “मीडिया की नजरें तो बहुत तेज होती है, हम आप पर छोड़ते हैं कि आप पता लगाएं कि इसके पीछे कौन है।” वहीं वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भी कहा कि, “प्रेस को अपनी खोजी पत्रकारिता का हुनर दिखा होगा ताकि पता लग सकते कि इस आंदोलन के पीछे असलियत में कौन है।“

गौरतलब है कि किसान बीते करीब दो सप्ताह से दिल्ली में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि किसानों के हक छीनने वाले तीनों विवादित कृषि कानून वापस लिए जाएं। इस सिलसिले में किसानों के प्रतिनिधिमंडल और सरकार के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन गतिरोध बना हुआ है और कोई नतीजा नहीं निकला है। इस बीच सरकार ने अपनी तरफ से किसानों को प्रस्ताव भेजा है, जिसे किसानों ने ठुकरा दिया है और आंदोलन को और तेज करने का आह्वान किया है।

हालांकि गुरुवार की प्रेस कांफ्रेंस में सरकार ने माना कि किसानों के मुद्दे अहम हैं और सरकार उनका सम्मान करती है। वाणिज्य मंत्री पीय़ूष गोयल ने सफाई देते हे कहा कि, “हमें लगता है कि किसानों के कई मुद्दे हैं, हम उनका सम्मान करते हैं। उनसे इस बारे में बात भी हुई है और हमने उन मुद्दों के समाधान का प्रस्ताव दिया है।” उन्होंने कहा कि अगर इसके अलावा भी कुछ मुद्दे हैं तो सरकार उन पर भी विचार करने को तैयार है। साथ ही उन्होंने कहा कि, “इसके अलावा इसके पीछे कोई और बात है तो यह देखना मीडिया का काम है।”

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