कृषि कानूनों पर गतिरोध का हल निकालने के लिए सरकार फिर से किसानों के साथ शुरु करे वार्ता: दुष्यंत चौटाला

चौटाला ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसान संगठनों के नेताओं के साथ लगातार बातचीत की है और समाधान खोजने के लिए नए कृषि कानूनों में संशोधन करने के लिए भी तैयार है। बातचीत के जरिए ही कोई समाधान निकाला जा सकता है।

फोटो : आईएएनएस
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हरियाणा के उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि सभी किसान संगठनों और सरकार को तीन विवादास्पद कृषि कानूनों पर समाधान खोजने के लिए बातचीत फिर से शुरू करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हरियाणा में बीजेपी-जेजेपी (जननायक जनता पार्टी) सरकार को कोई खतरा नहीं है। चौटाला छतरपुर में किक्सल की के9 फुटबॉल लीग का उद्घाटन करने के लिए नई दिल्ली में थे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कृषि कानूनों पर समाधान खोजने के लिए लगातार काम कर रही है, लेकिन इसे केवल बातचीत के जरिए ही हासिल किया जा सकता है।

चौटाला ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसान संगठनों के नेताओं के साथ लगातार बातचीत की है और समाधान खोजने के लिए नए कृषि कानूनों में संशोधन करने के लिए भी तैयार है। बातचीत के जरिए ही कोई समाधान निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि समाधान तभी प्राप्त होगा, जब सभी किसान संगठन सरकार के साथ एक बार फिर से वार्ता शुरू करने के लिए सहमत हों। उन्होंने कहा कि सभी किसान संगठन एक बार फिर किसानों की चिंताओं का अंतिम समाधान खोजने के लिए केंद्र सरकार के साथ बातचीत शुरू करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों के मुद्दे को केवल बातचीत के जरिए सुलझाया जा सकता है और बिना बातचीत के कुछ भी हासिल नहीं किया जा सकता है।

संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आश्वासन का उल्लेख करते हुए चौटाला ने कहा कि प्रधानमंत्री ने राज्यसभा में बयान दिया और आश्वासन दिया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) खत्म नहीं होगा। राज्यसभा में प्रधानमंत्री ने कहा था कि एमएसपी था, है और भविष्य में भी रहेगा। चौटाला ने कहा कि प्रधानमंत्री का बयान एमएसपी के बारे में सभी शंकाओं को दूर करता है। उन्होंने बताया कि सरकार खाद्य सुरक्षा अधिनियम के माध्यम से 80 करोड़ लोगों की देखभाल कर रही है। उन्होंने कहा कि देश में 80 करोड़ लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार के प्रयासों को देखते हुए किसानों को बातचीत के माध्यम से समाधान खोजने की कोशिश अवश्य करनी चाहिए।

हरियाणा के कृषि मंत्री जय प्रकाश दलाल की टिप्पणी - किसान घर पर ही मर जाते - का जिक्र करते हुए चौटाला ने कहा कि केंद्र सरकार हर जीवन के लिए चिंतित और संवेदनशील है। चौटाला ने कहा कि उन्होंने (दलाल ने) अपनी टिप्पणी पर खेद जताया है और इसके लिए माफी मांगी। मैं इस पर कोई टिप्प्णी नहीं कर सकता कि उन्होंने किस संदर्भ में इस तरह का बयान दिया। हम हर जीवन के लिए संवेदनशील और चिंतित हैं।

हरियाणा में किसानों के विरोध के बीच मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की सरकार से समर्थन वापस लेने के दबाव पर चौटाला ने कहा कि राज्य सरकार स्थिर है और चिंता की कोई बात नहीं है। चौटाला की जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) भाजपा नीत हरियाणा सरकार में साझेदार है।

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