बजट 2021: आम आदमी पर और बढ़ेगा बोझ? सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर इतने रुपये कृषि सेस लगाने का किया ऐलान

2021-22 के लिए आम बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेट्रोल और डीजल पर कृषि सेस लगाने का एलान किया है। उन्होंने पेट्रोल पर 2.5 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर चार रुपये प्रति लीटर के हिसाब से कृषि सेस लगाने की घोषणा की है।

फोटो: Getty Images
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पवन नौटियाल @pawanautiyal

2021-22 के लिए आम बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेट्रोल और डीजल पर कृषि सेस लगाने का एलान किया है। उन्होंने पेट्रोल पर 2.5 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर चार रुपये प्रति लीटर के हिसाब से कृषि सेस लगाने की घोषणा की है। वित्त मंत्री ने कहा, 'मैं कुछ चीजों पर कृषि अवसंरचना और विकास सेस लगाने का प्रस्ताव करती हूं।' हालांकि, कई रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि ये सेस कंपनियों को देना होगा, आम लोगों पर इसका कोई असर नहीं होगा।

आपको बता दें, पेट्रोल और डीजल पर कृषि सेस लगाए जाने के साथ ही मौलिक उत्पाद शुल्क (बीईडी) और विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी) को कम किया गया है। कहा जा रहा है कि इस सेस का लोगों पर कोई असर नहीं होगा। अब अनब्रान्डेड पेट्रोल और डीजल पर क्रमश: 1.4 रुपये और 1.8 रुपये प्रति लीटर का बीईडी लगेगा. वहीं, अनब्रांडेड पेट्रोल और डीजल पर एसएईडी को क्रमश: 11 रुपये और 8 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।

75 साल से अधिक उम्र वाले सीनियर सिटीजन को टैक्स में राहत!

वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से पेश हुए आम बजट में इनकम टैक्‍स में छूट के प्रावधानों नौकरीपेशा की नजरें टिकी थीं। लेकिन इस बार बजट में इनकम टैक्‍स स्‍लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। जिससे करदाता के चेहरे पर मायूसी देखने को मिली। हालांकि वित्‍त मंत्री ने 75 साल के अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइलिंग में राहत की घोषणा जरूर की। इसके अनुसार 75 साल से अधिक उम्र वाले सीनियर सिटीजन को अब टैक्स में राहत दी गई है। यानी अब 75 साल से अधिक उम्र वाले पेंशनधारकों को इनकम टैक्‍स नहीं भरना होगा। हालांकि ये राहत सिर्फ उन बुजुर्गों के लिए है जो या तो पेंशन धारी हैं या ब्याज से होने वाली कमाई पर निर्भर हैं।

विवाद समाधान समिति गठित करने का प्रस्ताव

इसके अलावा बजट में वित्‍त मंत्री ने घोषणा की है कि छोटे करदाताओं के लिए मुकदमेबाजी को और कम करने के लिए विवाद समाधान समिति गठित करने का प्रस्ताव किया गया है। ये पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी। 50 लाख रुपये तक की कर योग्य आय वाले और 10 लाख रुपये तक की विवादित आय वाले व्‍यक्ति इस समिति के समक्ष जाने के योग्‍य होंगे। वहीं वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि टैक्स असेसमेंट की अवधि को कम करके 6 साल से 3 साल किया जा रहा है। इससे अब तीन साल से पुराने आयकर केस नहीं खोले जाएंगे। बजट में वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एनआरआई लोगों के लिए भी सहूलियतों की घोषणा की है। उन्‍होंने इस दौरान कहा कि एनआरआई लोगों को टैक्स भरने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। लेकिन इस बार सरकार उन्हें डबल टैक्स सिस्टम से छूट दे रही है।

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