दिल्ली-एनसीआर में हटाई गईं ग्रैप-4 की पाबंदियां, वायु गुणवत्ता में सुधार के बाद फैसला
औसत एक्यूआई 18 जनवरी के 440 से सुधरकर 19 जनवरी को 410 और 378 हो गया। हवा की गुणवत्ता में सुधार को देखते हुए ग्रैप पर सीएक्यूएम उप-समिति की बैठक हुई, जिसमें दिल्ली-एनसीआर से ग्रैप-4 की पाबंदियां हटाने का निर्णय लिया गया।

दिल्ली-एनसीआर की हवा में मामूली सुधार के बाद ग्रैप-4 के प्रतिबंध हटा दिए गए हैं। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने मंगलवार को दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता में सुधार होने का दावा करते हुए चरणबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना (ग्रैप) के चौथे चरण के तहत लागू पाबंदियों को हटाने का आदेश जारी किया। सीएक्यूएम ने आदेश में कहा कि पहले, दूसरे और तीसरे चरण की पाबंदियां लागू रहेंगी।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के आदेश में कहा गया, “ग्रैप के चौथे चरण की पाबंदियां हटा ली गई हैं। लोगों से अनुरोध है कि वे ग्रैप के पहले, दूसरे और चौथे चरण के तहत लागू पाबंदियों का सख्ती से पालन करें ताकि एक्यूआई और खराब न हो।” दिल्ली-एनसीआर में 17 जनवरी को ग्रैप स्टेज-4 को लागू किया गया था।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा जारी दैनिक एक्यूआई बुलेटिन के अनुसार, औसत एक्यूआई 18 जनवरी को 440 से सुधरकर 19 जनवरी को 410 और 378 हो गया। हवा की गुणवत्ता में सुधार को देखते हुए ग्रैप पर सीएक्यूएम उप-समिति की बैठक हुई, जिसमें सर्वसम्मति से दिल्ली-एनसीआर से ग्रैप-4 की पाबंदियां हटाने का निर्णय लिया गया।
उप-समिति ने पाया कि अनुकूल मौसम संबंधी परिस्थितियों, जिनमें हवा की गति में वृद्धि भी शामिल है, के कारण दिल्ली के वायु गुणवत्ता सूचकांक में सुधार हुआ है, जो वर्तमान में 'अत्यंत खराब' श्रेणी में है। पूर्वानुमानों से संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में एक्यूआई इसी श्रेणी में रहने की संभावना है। वायु गुणवत्ता में सुधार, पूर्वानुमानित रुझानों और चरण-4 प्रतिबंधों के कारण बड़ी संख्या में हितधारकों और आम जनता पर पड़ने वाले व्यवधान को ध्यान में रखते हुए उप-समिति ने सर्वसम्मति से पूरे एनसीआर में मौजूदा ग्रैप-4 के तहत सभी कार्रवाइयों को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का निर्णय लिया।
हालांकि, राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में ग्रैप के चरण 1, 2 और 3 अभी लागू रहेंगे और एनसीआर में सभी संबंधित एजेंसियों द्वारा इनकी समीक्षा की जाएगी, ताकि आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता स्तर में और वृद्धि न हो। सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया जाता है कि वे वायु गुणवत्ता में और गिरावट को रोकने और चरण-4 को पुनः लागू करने की आवश्यकता से बचने के लिए इन चरणों के तहत उपायों को सख्ती से लागू करें और उन्हें और तीव्र करें।
निर्माण एवं विध्वंस परियोजना स्थलों आदि, जिन्हें विभिन्न वैधानिक निर्देशों, नियमों, दिशा-निर्देशों आदि के उल्लंघन/अनुपालन के कारण विशिष्ट बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं, वे आयोग से इस संबंध में कोई विशिष्ट आदेश प्राप्त किए बिना किसी भी परिस्थिति में अपना संचालन पुनः आरंभ नहीं करेंगे। लोगों से आग्रह है कि वे ग्रैप-1, 2 और 3 के तहत नागरिक चार्टर का सख्ती से पालन करें, विशेष रूप से सर्दियों के मौसम में जब मौसम की स्थिति हमेशा अनुकूल नहीं रहती है। उप-समिति दिल्ली में वायु गुणवत्ता की स्थिति पर लगातार नजर रखेगी।
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