गुजरात: नवसारी में बारिश थमी, लेकिन बाढ़ का संकट बरकरार, NDRF ने 80 से ज्यादा लोगों को बचाया
नवसारी में भारी बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। NDRF ने 80 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला, जबकि 300 से ज्यादा घर अब भी जलमग्न हैं।

गुजरात के नवसारी जिले में भारी बारिश थमने के बावजूद बाढ़ का संकट अभी खत्म नहीं हुआ है। जिले के कई इलाकों में अब भी जलभराव बना हुआ है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। घरों और सड़कों पर पानी भरा होने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें लगातार राहत और बचाव अभियान चला रही हैं। अब तक 80 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।
दो दिन में 80 से ज्यादा लोग सुरक्षित निकाले
एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर राजेंद्र भाटी ने बताया कि 6वीं बटालियन की टीम 22 जुलाई से सूरत में तैनात थी। इसके बाद 23 जुलाई को टीम को नवसारी भेजा गया, जहां बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। 23 जुलाई को एनडीआरएफ ने 45 लोगों को सुरक्षित निकाला, जिनमें महिलाएं, पुरुष, बच्चे और गर्भवती महिलाएं शामिल थीं। वहीं 24 जुलाई को भी अभियान जारी रहा और अब तक करीब 35 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि टीमें दिन-रात राहत कार्य में जुटी हैं और जरूरतमंदों तक हरसंभव मदद पहुंचाई जा रही है।
300 से ज्यादा घरों में घुसा पानी, हालात गंभीर
बारिश रुकने के बावजूद नवसारी शहर के कई हिस्सों में जलभराव बना हुआ है। शांतादेवी और आसपास के इलाकों में सड़कों और घरों में पानी भरा होने से लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित है। भारी बारिश के कारण कावेरी और पूर्णा नदियां उफान पर आ गईं, जिससे जिले में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए। सबसे ज्यादा असर शांतिवन सोसायटी-1 और शांतिवन सोसायटी-2 में देखने को मिला, जहां 300 से अधिक घरों में पानी भर गया। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार अभियान चला रही हैं।
जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से जलभराव वाले इलाकों में न जाएं और केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों का कहना है कि जब तक प्रभावित क्षेत्रों से पानी पूरी तरह नहीं उतर जाता, तब तक राहत और बचाव अभियान लगातार जारी रहेगा। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।
