अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा से पहले गुरुग्राम-नूंह अलर्ट पर, मंदिरों और मस्जिदों के बाहर निगरानी बढ़ाई गई

पुलिस ने बताया कि चूंकि राम मंदिर को लेकर सोशल मीडिया पर विभिन्न संदेश और वीडियो प्रसारित हो रहे हैं, इसलिए नूंह, टौरू और पुन्हाना क्षेत्रों में मंदिरों और मस्जिदों के आसपास विशेष निगरानी रखी जा रही है। पुलिस ने बताया कि रात के समय भी गश्त बढ़ा दी गई है।

अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा से पहले गुरुग्राम-नूंह अलर्ट पर, निगरानी बढ़ाई गई
अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा से पहले गुरुग्राम-नूंह अलर्ट पर, निगरानी बढ़ाई गई
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नवजीवन डेस्क

अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर में रामलला की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा और उसके बाद 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह के मद्देनजर हरियाणा के गुरुग्राम और नूंह जिलों को अलर्ट पर रखा गया है। पुलिस को दोनों जिलों में खासकर मंदिरों और मस्जिदों के बाहर निगरानी बढ़ाने को कहा गया है।

अधिकारियों ने बताया कि चूंकि राम मंदिर के संबंध में सोशल मीडिया पर विभिन्न संदेश और वीडियो प्रसारित हो रहे हैं, इसलिए नूंह, टौरू और पुन्हाना क्षेत्रों में मंदिरों और मस्जिदों के आसपास विशेष निगरानी रखी जा रही है। पुलिस ने बताया कि रात के समय भी गश्त बढ़ा दी गई है। नूंह पुलिस ने कई जगहों को 'संवेदनशील' घोषित किया है।

प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से पहले गुरुग्राम और नूंह पुलिस के अलर्ट पर रहने का सबसे बड़ा कारण नूंह हिंसा है। नूंह एसपी नरेंद्र बिजारनिया ने बताया कि नूंह में संवेदनशील स्थानों पर विशेष इंतजाम किए गए हैं। पुलिस सोशल मीडिया पर भी लगातार नजर रख रही है। बिजारनिया ने कहा, "गुरुवार को शांति समिति की बैठक बुलाई गई थी। नूंह में मंदिरों और मस्जिदों के पास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। जिले में सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।"


पुलिस ने कहा कि कई श्रद्धालु अयोध्या जाने के लिए उत्सुक हैं और जो जाने में असमर्थ हैं वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रास्ते तलाश रहे हैं। पुलिस ने बताया कि साइबर जालसाजों ने भगवान राम के नाम पर लोगों को ठगना शुरू कर दिया है। पुलिस ने कहा, “गुरुग्राम में कई लोगों को व्हाट्सएप पर ऑनलाइन दर्शन के लिए लिंक भेजे गए हैं। गुरुग्राम साइबर पुलिस ने लोगों से इन लिंक पर क्लिक नहीं करने की अपील की है।''

पुलिस ने बताया कि कई लोगों ने शिकायत की है कि ऑनलाइन दर्शन के लिए उनके नंबर पर एक लिंक भेजा जा रहा है। डीसीपी साउथ और साइबर क्राइम सिद्धांत जैन ने कहा कि किसी को भी किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए। लेकिन अगर कोई धोखा खाता है, तो वह 1930 हेल्पलाइन पर कॉल कर शिकायत कर सकता है।

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