10 करोड़ में दी गई थी मुन्ना बजरंगी की सुपारी? क्या बागपत जेल में अब भी हैं कैदियों के पास हथियार?

मुन्ना बजरंगी की हत्या की जांच में जुटी पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे हैं। सूत्रों का कहना है कि उसकी हत्या की सुपारी 10 करोड़ रूपए में सुनील राठी को दी गई थी। इस सिलसिले में पुलिस जौनपुर के दो बैंकों में जांच कर रही हैं जहां से हत्या के ऐन पहले दो दिन में 10 करोड़ रुपए निकाले गए थे।

  • मुन्ना बजरंगी की हत्या के लिए क्या पूर्वांचल के एक बाहुबलि नेता ने 10 करोड़ की सुपारी दी थी?
  • क्या मुन्ना बजरंगी को अगले लोकसभा चुनाव में रास्ते से हटाने के लिए उसका कत्ल कराया गया?
  • क्या मुन्ना बजरंगी का कथित हत्यारा सुनील राठी अब भी हथियारों से लैस है?
  • क्या जांच दल ने मुन्ना बजरंगी की हत्या की गुत्थी सुलझा ली है?
  • क्या मुन्ना बजरंगी की हत्या कराने वाले बाहुबलि के नाम का खुलासा होगा?
  • ये वह सवाल हैं जो इस सनसनीखेज़ हत्याकांड के सिलसिले में सामने आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश की बागपत जेल में डॉन मुन्ना बजरंगी के क़त्ल की परतें खुलने लगी है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि मुन्ना बजरंगी की हत्या के लिए 10 करोड़ रुपए की सुपारी दी थी। मुन्ना बजरंगी पर तड़ातड़ गोलियां दाग कर हत्या करने वाला सुनील राठी तो महज एक मोहरा भर है।

    बजरंगी की हत्या की जांच से जुड़े पुलिस सूत्रों का कहना है कि उन्हें पक्की सूचना मिली है कि मुन्ना बजरंगी की हत्या से दो दिन पहले पूर्वांचल के जौनपुर के एक बैंक से 7 करोड़ रुपए की बड़ी रकम निकाली गई और इसके अगले ही दिन एक दूसरे बैंक से 3 करोड़ रुपए निकाले गए। पुलिस सूत्रों का मानना है कि यह पैसा पूर्वांचल के एक बाहुबलि नेता ने निकलवाए थे।

    बागपत जेल का अतिरिक्त कार्यभार संभालने वाले कार्यवाहक जेल अधीक्षक विपिन कुमार मिश्रा का इस मामले में कहना है कि विवेचना जारी है और अभी कुछ भी कहना जल्दबाज़ी होगी। वहीं मेरठ रेंज के आईजी रामकुमार ने बताया है कि पुलिस हर बिंदु पर जांच कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही मामले का राजफाश हो जाएगा। उनके मुताबिक पुलिस को अहम सुराग मिले हैं।

    गौरतलब है कि मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह ने हत्या में पूर्वांचल के एक सफेदपोश की तरफ इशारा किया था। माना जा रहा है कि सीमा सिंह ने जिस सफेदपोश की तरफ इशारा किया था, उसी ने 10 करोड़ रुपए की सुपारी दी थी। जानकारी के मुताबिक फिलहाल पुलिस बैंक खातों की डिटेल निकलवा रही है। बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह ने मामले की तहरीर में भी लगभग वही बातें कही थीं, जो पुलिस की जांच में सामने आ रही हैं।

    पुलिस सूत्रों का कहना है कि मुन्ना बजरंगी जौनपुर से लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था, और यह बात इलाके के एक बाहुबलि को नागवार गुजर रही थी। इसीलिए उसको रास्ते से हटाने के लिए संभवत: यह साजिश रची गई। बागपत के एसपी जयप्रकाश के मुताबिक वो खुलासे के काफी नजदीक पहुंच चुके हैं।

इधर मुन्ना बजरंगी की जेल के अंदर हत्या के बाद से जेल में सुनील राठी का आतंक काफी बढ़ गया है। हालत यह है कि जेल में बंद कैदियों से लेकर बंदी रक्षक और जांच अधिकारी तक सुनील राठी के पास जाने से डर रहे हैं। एक जांच अधिकारी ने उसकी बैरक में बगैर बुलेटप्रूफ जैकेट के जाने से मना कर दिया। उनके लिए बुलेटप्रूफ जैकेट लाई गई और कड़ी सुरक्षा में सुनील राठी की बैरक में ले जाया गया।

जेल के सूत्रों के अनुसार मुन्ना बजरंगी हत्याकांड की जांच करने के लिए आए एक जांच अधिकारी को पूछताछ के लिए सुनील राठी की बैरक में जाना था, लेकिन अफसर ने वहां पर जाने से साफ मना कर दिया। उन्होंने जेल अधीक्षक से कहा कि पहले बुलेटप्रूफ जैकेट का इंतजाम करो, उसे पहनने के बाद ही सुनील राठी के पास जाएंगे। उन्हें बुलेटप्रुफ जैकेट उपलब्ध कराई गई। कई अहम बिंदुओं पर सुनील राठी से पूछताछ करने के बाद अफसर वहां से लौटे।

जेल अधीक्षक विपिन कुमार मिश्र ने कहा कि जेल में आने वाले सभी जांच अधिकारियों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उन्हें पुलिस सुरक्षा में ही सुनील राठी के पास भेजा जा रहा है। मांग करने पर बुलेटप्रूफ जैकेट भी उपलब्ध कराई जा रही है।

(आस मोहम्मद कैफ के इनपुट के साथ)

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