हरदीप पुरी का संसद में दावा- LPG की कोई कमी नहीं, हकीकत- लंबी लाइनें, रेस्टोरेंट बंद, छोटे धंधों पर गहरा असर
मोदी सरकार के पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्री हरदीप पुरी ने संसद में दावा किया कि देश में एलपीजी या तेल की कोई कमी नहीं हैं। लेकिन मंत्री को शायद उस जमीनी हकीकत की जानकारी नहीं है जिसमें लोग लंबी-लंबी लाइनें लगाकर सिलेंडर भरवाने का इंतजार कर रहे हैं।

केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश में पेट्रोल-डीजल और केरोसिन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने यह दावा भी किया कि एलपीजी उत्पादन में 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और सरकार की प्राथमिकता है कि देश में करोड़ों परिवारों की रसोई में खाना पकाने के लिए गैस की कमी नहीं रहे। हरदीप पुरी ने ईरान और अमेरिका-इजराइल के युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरुमध्य (स्ट्रेट) में बने प्रतिकूल हालात का जिक्र करते हुए लोकसभा में कहा कि पश्चिम एशिया के संघर्ष में कोई भूमिका नहीं होने के बावजूद भारत को इसके परिणामों से पार पाना होगा।
ध्यान रहे कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देश में गैस की कमी का मुद्दा उठाया था। इसके जवाब में पुरी ने कहा, ‘‘दुनिया ने ऐसा ऊर्जा संकट इतिहास में कभी नहीं देखा। होर्मुज जलडमरूमध्य से 20 प्रतिशत कच्चे तेल की आपूर्ति होती है। इतिहास में पहली बार वाणिज्यिक पोत परिवहन के लिए होर्मुज को प्रभावी रूप से बंद कर दिया गया है।’
उन्होंने देश में सामने आ रही एलपीजी सिलेंडर की कमी से निपटने के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘पिछले पांच दिन में एलपीजी उत्पादन 28 प्रतिशत बढ़ा है। मोदी सरकार की प्राथमिकता है कि भारत के 33 करोड़ परिवारों, गरीबों की रसोई को (एलपीजी की) किसी कमी का सामना नहीं करना पड़े।’’
लेकिन स्थितियां और जमीनी हकीकत हरदीप पुरी के दावे के एकदम उलट है। राजधानी दिल्ली, यूपी और हरियाणा सहित उत्तर भारत के कई राज्यों और दक्षिण के कर्नाटक, तमिलनाडु और अन्य इलाकों में एलपीजी की किल्लत की खबरें, तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं। इतना ही नहीं गैस सिलेंडर भरवाने को लेकर मारामारी शुरू हो गई है। लखनऊ समेत कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
कई जगह घरेलू आपूर्ति तो अभी सामान्य है, लेकिन वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों को लेकर परेशानी बढ़ रही है। यह स्थिति इसलिए भी है कि लोग आशंका में पहले से ही गैस सिलेंडर भरवाकर जमा करने लगे हैं। व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति सीमित होने से दिल्ली में 50 हजार से अधिक रेस्तरां, पब, बार और होटलों के संचालन में दिक्कतें आने लगी हैं।
अयोध्या में बंद हो गई राम रसोई
अयोध्या में वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की कमी के कारण राम नगरी में मंगलवार को नियमित शाम तीन बजे तक चलने वाली राम रसोई मंगलवार को दो बजे ही बंद करनी पड़ी। कई जगह मंदिरों ने लकड़ी और कोयले के उपयोग से भोजन पकाने का निर्णय लिया है। आल इंडिया एलपीजी डिस्ट्रिब्यूटर फेडरेशन (एआईएलडीएफ) के कार्यकारी अध्यक्ष पीएन सेठ के अनुसार यह दिक्कत कुछ दिन के लिए ही है।
उधर, नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन आफ इंडिया (एनआरएआई), दिल्ली के अध्यक्ष संदीप आनंद गोयल ने कहा कि व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति बंद हो गई है। पीएनजी पाइप लाइन में भी गैस का दबाव 20 प्रतिशत कम कर दिया गया है।
पुराने स्टॉक से आ रहा सिलेंडर
हरियाणा के कई जिलों में पिछले दो-तीन दिनों से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई प्रभावित होने लगी है। राज्य के कई जिलों में एजेंसियों तक नई खेप नहीं पहुंचने की सूचना है। कई स्थानों पर एजेंसियां पुराने स्टॉक से सीमित सिलेंडर दे रही हैं। इन दिनों विवाह समारोहों और सामाजिक आयोजनों के कारण मांग सामान्य दिनों से अधिक बनी हुई है। पंजाब में एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित हुई है।
कई जिलों में गैस एजेंसियों को कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई मिलनी बंद हो गई है। जालंधर के होटल संचालकों का कहना है कि अगर सिलेंडर की सप्लाई नहीं होती है तो मजबूरी में कमर्शियल इंडक्शन पर काम चलाना पड़ेगा। दूसरी तरफ राज्य में घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई भी प्रभावित हो रही है।
हरदीप पुरी ने संसद में हालांकि पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि एक पड़ोसी देश ने सारे स्कूल बंद कर दिए हैं, घर से काम करने के नियम जारी किए हैं और सड़कों पर सरकारी वाहनों की संख्या आधी कर दी है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत के कच्चे तेल की आपूर्ति सुरक्षित है। 45 प्रतिशत कच्चा तेल होर्मुज से आता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उत्कृष्ट कूटनीतिक पहुंच के कारण भारत ने इस अवधि में जो कच्चा तेल प्राप्त किया, वह उससे अधिक है जिसकी संकटग्रस्त होर्मुज से ऐसे समय में आपूर्ति हो सकती थी।’’
लेकिन अपने देश की स्थिति का जिक्र वे नहीं कर सके। जो स्थितियां सामने आई हैं उनमें मध्य प्रदेश में भी कई शहरों में कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति रोक दी गई है। घरेलू एलपीजी की बुकिंग भी बढ़ गई है। भोपाल में कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई सोमवार से तो इंदौर में आज से बंद कर गई है। हिमाचल प्रदेश में फिलहाल एलपीजी की कोई कमी नहीं हैं। यहां उपभोक्ताओं को 25 दिन बाद ही गैस सिलेंडर की रिफिलिंग की जा रही है। हालांकि, व्यावसायिक सिलेंडर की आपूर्ति यहां भी बंद कर दी गई है।
कोलकाता में 2000 रेस्तरां का संचालन प्रभावित
कोलकाता समेत बंगाल में रेस्तरां कारोबारी एलपीजी की कमी का सामना कर रहे हैं। उद्योग संघों ने चेतावनी दी है कि यदि ईंधन की आपूर्ति जल्द ही सामान्य नहीं हुई तो परेशानी और बढ़ेगी। नेशनल रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) की कोलकाता शाखा के प्रमुख पीयूष कंकारिया ने बताया कि शहर में लगभग 5,000 रेस्तरां हैं। इनमें लगभग 40 प्रतिशत यानी लगभग 2000 रेस्तरां के संचालन में तत्काल व्यवधान देखा जा रहा है।
एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता कम होने से बढ़ी कालाबाजारी
जम्मू में गैस कंपनियां किसी भी तरह की किल्लत से इनकार कर रही है। हालांकि, जमीनी स्तर पर व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता कम होने से कालाबाजारी शुरू हो गई है। गत दिनों इसके दाम में बढ़ोतरी होने के बाद से ही व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की कुछ क्षेत्रों में कमी देखने को मिल रही है।
अस्पताल व शिक्षण संस्थानों को छोड़ व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति पर रोक
उत्तराखंड शासन ने सभी जिलों में अस्पताल व शिक्षण संस्थानों को छोड़ अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति पर रोक लगा दी है। जिसके चलते अधिकांश होटल, रेस्टोरेंट व ढाबों के अलावा बैंक्वेट हाल संचालक परेशान हैं। घरेलू उपभोक्ताओं को भी अब 21 के बजाय 25 दिन में दूसरा सिलेंडर मिलेगा।
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