सीएम खट्टर ने रेप पर दिए शर्मनाक बयान को सफाई में भी ठहराया सही, कहा, जो मैंने कहा वही सच है

हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने एक कार्यक्रम में कहा कि सबसे बड़ी चिंता यह है कि रेप और छेड़छाड़ की घटनाएं 80 से 90 फीसदी जानकारों के बीच में होती हैं। उन्होंने कहा कि काफी समय के लिए वे इकट्ठे घूमते हैं और अनबन होने पर एफआईआर दर्ज करा दी जाती है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने महिलाओं के साथ रेप की घटनाओं को लेकर विवादित बयान दिया है। सीएम खट्टर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने रेप की घटनाओं के लिए सीधे तौर पर महिलाओं को ही जिम्मेदार ठहरा दिया।

सीएम खट्टर ने कहा, “सबसे बड़ी चिंता यह है कि यह घटनाएं जो हैं रेप और छेड़छाड़ की, 80 से 90 फीसदी जानकारों के बीच में होती हैं। काफी समय के लिए इकट्ठे (एकसाथ) घूमते हैं, एक दिन अनबन हो गई, उस दिन उठाकर एफआईआर करवा देते हैं कि इसने मुझे रेप किया।” मख्यमंत्री के इस बायान की कड़ी निंदा हो रही है। विपक्ष ने भी उनके इस बयान की निंदा की है।

कड़ी निंदा के बावजूद हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर अपने बयान पर अड़े हुए हैं। अपने बयान पर सफाई देते हुए खट्टर ने कहा, “ये मेरी ओर से कही गई बात नहीं है। यह बात जांच से सामने आई है। इसे सामाजिक तौर पर डील करना चाहिए, इसमें राजनीति नहीं करनी चाहिए।”

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सीएम खट्टर के बयान की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “अगर किसी प्रदेश के सीएम ऐसा सोचते हैं, तो वहां लड़कियां सुरक्षित कैसे हो सकती हैं? सीएम साहब रेप को सही ठहरा रहे हैं। यही कारण है की हरियाणा में रेप बढ़ रहे हैं और बलात्कारी पकड़े नहीं जाते, खुले घूम रहे हैं।”

यह कोई पहली बार नहीं है जब रेप की घटनाओं पर सीएम खट्टर ने विवादित बयान दिया है। इससे पहले 2014 में उन्होंने कहा था कि लड़कियों को रेप से बचने के लिए ढंग से कपड़े पहनने चाहिए। एक बयान में उन्होंने कहा था, “रेप की घटना को बिना जांचे-परखे जो सनसनती फैलती हैं, उन्हें सनसनी नहीं फैलानी चाहिए।” खट्टर का यह भी कहना था कि रेप मामलों की संख्या बढ़ती हुई इसलिए दिखाई देती है, क्योंकि उनमें से कई ऐसा आरोप होते हैं जो फर्जी होते हैं।

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Published: 18 Nov 2018, 11:05 AM