हरियाणा: उद्योगों के सशर्त चलाने की अनुमति, 50 फीसदी वर्क फोर्स के साथ निर्माण परियोजनाएं भी शुरू होंगी

हरियाणा सरकार ने कोरोना संकट में ठप पड़ी आर्थिक गतिविधियों को दोबार शुरु करने के लिए 20 अप्रैल से राज्य में उद्योगों और अन्य प्रतिष्ठानों को दोबारा शुरु कराने का खाका बना लिया है। इसमें केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों के मुताबिक अनुमति दी जाएंगी।

फाइल फोटो
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धीरेंद्र अवस्थी

हरियाणा सरकार ने कोरोना संकट के बीच कुछ शर्तों के साथ राज्‍य में औद्योगिक गतिविधियों के संचालन की अनुमति दे दी है। कंस्‍ट्रक्‍शन सेक्‍टर को भी इसमें राहत मिली है, जिसे 50 फीसदी कार्यबल के साथ निर्माण कार्य करने की इजाजत मिली है। एयरकंडीशनर, एयरकूलर और पंखों की बिक्री और उनकी मरम्मत जैसी सेवाओं को जरूरी सर्विस मानते हुए कंटेनमेंट क्षेत्र से बाहर इन्‍हें संचालित करने की अनुमति दी गई है। इसके अलावा सरकार आवश्‍यकता के मुताबिक कंटेनमेंट क्षेत्रों का पुनर्सीमांकन करती रहेगी।

एक सरकारी प्रवक्ता ने रविवार को बताया कि इन दिशानिर्देशों के अनुसार राज्य में उद्योगों तथा अन्य प्रतिष्ठानों का संचालन शुरू करने की अनुमति लेने और पास हासिल करने के लिए आवेदक को सरल हरियाणा पोर्टल पर आवेदन करना होगा। वाहनों के अन्तर्राज्यीय आवागमन के लिए ई-पास के लिए भारत सरकार के पोर्टल पर आवेदन करना होगा।

प्रवक्ता ने बताया कि उद्योगों और अन्य प्रतिष्ठानों के संचालन के लिए आवेदनों की जांच और मंजूरी के लिए खंड, कस्बा और शहर स्तरीय कमेटियां गठित की जाएंगी। ग्रामीण क्षेत्रों में एसडीएम, डीएसपी, बीडीपीओ एवं सहायक श्रम आयुक्त की कमेटी की ओर से उद्योगों तथा अन्य प्रतिष्ठानों के लिए 25 व्यक्तियों तक के लिए और शहरी क्षेत्रों में एसडीएम, डीएसपी, नगर निगम के ईओ/सचिव तथा सहायक श्रम आयुक्त की कमेटी की ओर से पास की अनुमति दी जाएगी।

इसी प्रकार, 25 से 200 व्यक्तियों तक के लिए ग्रामीण एवं शहरी इलाकों में नगर निगम क्षेत्र को छोड़क़र, इलाके के एडीसी, डीएसपी, बीडीपीओ एवं सहायक श्रम आयुक्त की कमेटी की ओर से और नगर निगम क्षेत्र में निगम आयुक्त, डीएसपी, नगर निगम के ईओ/सचिव तथा सहायक श्रम आयुक्त की कमेटी की ओर से पास की अनुमति दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, 200 व्यक्तियों से अधिक के लिए पास की अनुमति क्षेत्र के उपायुक्त, एसपी एवं पुलिस कमिनर, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महाप्रबंधक और उप-श्रम आयुक्त की कमेटी देगी।


सरकार के प्रवक्‍ता ने बताया कि खंड स्तरीय कमेटी की ओर से 25 कर्मचारियों वाले, अतिरिक्त उपायुक्त या आयुक्त, नगर निगम, जैसा भी मामला हो, के नेतृत्व में गठित कमेटी द्वारा 25 से 200 व्यक्तियों तक और उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित कमेटी की ओर से 200 से अधिक कर्मचारियों वाले उद्योगों, वाणिज्यिक एवं निजी प्रतिष्ठानों से प्राप्त आवेदनों की जांच के बाद स्वीकृति दी जाएगी।

प्रवक्‍ता ने बताया कि आईटी और उससे जुड़ी सेवा इकाइयों को छोड़क़र औद्योगिक प्रतिष्ठानों, वाणिज्यिक एवं निजी प्रतिष्ठानों के संबंध में जारी निर्देशों के मुताबिक 20 लोगों तक के लिए पास की आवश्यकता होने पर शत-प्रतिशत स्वीकृति दी जाएगी, जबकि 20 व्यक्तियों से अधिक के लिए पास की आवश्यकता होने पर कुल जरूरत के 50 प्रतिशत या 20 पास, जो भी अधिक हो, की अनुमति दी जाएगी। इसी प्रकार, आईटी और आईटी सक्षम सेवा इकाइयों के मामले में 20 व्यक्तियों के लिए पास की आवश्यकता होने पर 50 प्रतिशत और 20 व्यक्तियों से अधिक के लिए पास की आवश्यकता होने पर कुल आवश्यकता का 33 प्रतिशत या 10 पास, जो भी अधिक हो, की अनुमति दी जाएगी।

निर्माण परियोजनाओं के मामले में कुल वर्क फोर्स के 50 प्रतिशत के साथ संचालन की अनुमति दी जाएगी। श्रमिकों को नीले रंग के पास जारी किए जाएंगे। सरकार के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि राजमार्गों पर दुकानों एवं ढाबों को खोलने और स्व-नियोक्ताओं की गतिविधियां केंद्र सरकार के निर्देशानुसार ही होंगी।

गर्मी के मौसम और नए शैक्षणिक सत्र के मद्देनजर पुस्तक की दुकानों की ओर से स्कूल एवं कॉलेज विद्यार्थियों को पुस्तकों का वितरण और एयरकंडिशनर, एयरकूलर, पंखों की बिक्री एवं उनकी मरम्मत को आवश्यक सेवा माना जाएगा तथा कंटेनमेंट क्षेत्रों से बाहर इनके संचालन की अनुमति होगी। जिला मजिस्ट्रेट स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार विभिन्न प्रतिष्ठानों, उद्योगों तथा अनुज्ञेय गतिविधियों का समय निर्धारित कर सकता है।

प्रवक्‍ता ने बताया कि आवश्यक सेवा प्रदाताओं को लाल रंग के तिकोणे विशेष पास दिए जाएंगे और वे निर्धारित समयावधि के दौरान कंटेनमेंट क्षेत्र में और उससे बाहर सेवाएं दे सकेंगे। वहीं आवश्यक सेवा प्रदाताओं के अलावा अन्य के मामले में उद्योगों एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए हरे रंग के तिकोणे साधारण पास और निर्माण परियोजनाओं के लिए नीले रंग के पास दिए जाएंगे। सभी को कंटेनमेंट क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।


पास जारी करने की समस्त प्रक्रिया की निगरानी के लिए गृह विभाग के विशेष सचिव की अध्यक्षता में एक प्रक्रिया समीक्षा कमेटी गठित की जाएगी, जिसमें उद्योग विभाग के सचिव और श्रम विभाग के विशेष सचिव शामिल होंगे। इसी प्रकार, जिला स्तरीय अन्य कमेटियों के संचालन के निरीक्षण हेतु उपायुक्त की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी। विभिन्न सरकारी विभागों के मार्गदर्शन एवं निरीक्षण के लिए उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय निरीक्षण कमेटी गठित की जाएगी, जिसमें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, श्रम विभाग, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, गृह विभागों के प्रशासनिक सचिव या उनका प्रतिनिधि शामिल होगा। औद्योगिक प्रतिष्ठान अपने संचालन से संबंधित अपने प्रश्न एवं शिकायतें शिकायत पोर्टल पर प्रेषित कर सकते हैं। सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से समय-समय पर कंटेनमेंट क्षेत्र सीमांकित किए जाएंगे।

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