हरियाणा में कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए पैरोल पर जेलों से छोड़े जाएंगे कैदी

हरियाणा सरकार ने कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए जेलों से कैदियों को पैरोल पर छोड़ने का फैसला किया है। कैदियों को यह पैरोल उनके आचरण और अपराध के आधार पर तय किया जाएगा

फोटो : सोशल मीडिया
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धीरेंद्र अवस्थी

हरियाणा सरकार ने कोरोना वायरस की महामारी के चलते संक्रमण की आशंकाओं के मद्देनजर प्रदेश की जेलों में कैदियों के दबाव को कम करने के लिए सर्वाच्च न्यायालय के निर्देशानुसार निर्णय लिया है कि जो कैदी अथवा बंदी पहले से ही पैरोल या फरलो पर जेल से बाहर हैं, उनकी चार सप्ताह की विशेष पैरोल बढ़ाई जाएगी। इसी तरह, जो कैदी एक पैरोल या एक फरलो शांतिपूर्वक व्यतीत करके समय पर जेल में हाजिर हो गए, उन्हें भी छ: सप्ताह की विशेष पैरोल दी जाएगी।

जेल मंत्री रणजीत सिंह ने बुधवार को इस बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जिन कैदियों की आयु 65 वर्ष से अधिक है और एक से अधिक केसों में शामिल नहीं हैं तथा जो अधिक मात्रा में मादक पदार्थ के केस या धारा 379 बी या पोस्को एक्ट या बलात्कार या एसिड अटैक जैसे मामले में सजायाफ्ता नहीं हैं, उन्हें भी अच्छे आचरण के आधार पर छ: सप्ताह की विशेष पैरोल दी जाएगी। इसमें विदेशी कैदियों को शामिल नहीं किया गया है।

रणजीत सिंह ने बताया कि ऐसे कैदी, जिनकी सजा सात वर्ष से अधिक नहीं है तथा कोई भी अन्य केस न्यायालय में लंबित नहीं है, कोई जुर्माना भी बकाया नहीं है, उन्हें भी जेल में अच्छे आचरण के आधार पर छ: से आठ सप्ताह तक की विशेष पैरोल दी जाएगी। साथ ही, उन कैदियों को भी विशेष पैरोल दी जाएगी, जिनकी अधिकतम सजा सात वर्ष तक है तथा उन पर यदि कोई केस लंबित है, जिसमें वह जमानत पर है और पहले से कोई पैरोल शांतिपूर्वक व्यतीत कर ली है। उन्होंने बताया कि अधिक मात्रा में मादक पदार्थ या धारा 379 बी या पोक्सो एक्ट, बलात्कार और एसिड अटैक जैसे मामलों में सजायाफ्ता कैदी को यह लाभ नहीं मिलेगा।

जो हवालाती बंदी अधिकतम सात वर्ष तक की सजा वाले अपराध में जेल में बंद हैं तथा उन पर कोई अन्य केस न्यायालय में लंबित नहीं है। उन हवालाती बन्दियों के विरुद्ध एक से अधिक केस भी लंबित है, परन्तु उन मामलों में अधिकतम 7 वर्ष से अधिक की सजा नहीं बनती तथा जिनका जेल में आचरण अच्छा है, उन्हें जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश या मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी द्वारा जमानत पर रिहा किया जाएगा या 45 से 60 दिन तक की अंतरिम जमानत पर रिहा किया जाएगा।

जेल मंत्री रणजीत सिंह ने बताया कि जेल में अच्छे आचरण वाले कैदी बंदियों को उनकी योग्यता अनुसार पंजाब जेल मैनुअल में वर्णित प्रावधान के अनुसार दो महीने तक महानिदेशक, कारागार तथा एक महीने तक जेल अधीक्षक द्वारा विशेष माफी दी जाएगी।

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