हरियाणा में पानी सिर से ऊपर जाने पर सीरो सर्वे का फैसला, कोरोना मरीजों का आंकड़ा पहुंचा 42 हजार के पार

राज्य में कोरोना के बढ़ते मरीजों के बीच खट्टर सरकार ने आज प्रदेश के सभी जिलों में सीरो-सर्वे शुरू कराने का फैसला किया है। सरकार का कहना है कि इससे व्यक्तिगत रूप से समूहों की जांच की जाएगी, जिससे राज्य में संक्रमण की स्थिति को बेहतर समझने में मदद मिलेगी।

फोटोः सोशल मीडिया
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धीरेंद्र अवस्थी

हरियाणा में कोरोना महामारी के गंभीर होते हालात के बीच सरकार ने राज्य के सभी जिलों में सीरो सर्वे कराने का फैसला किया है। सीरो सर्वे के नतीजे भी अगस्त माह के अंत तक आ जाने की संभावना है। इस बीच राज्या में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 42 हजार को पार कर गया है, जबकि 489 लोग अब तक कोरोना से अपनी जान गंवा चुके हैं। फिलहाल 136 कोरोना संक्रमित0 गंभीर बताए जा रहे हैं।

चिंताजनक बात यह है कि दिल्ली-एनसीआर के कुछ जिलों के साथ ही राज्य के भी कुछ जिले कोरोना के हॉटस्पॉट बनते जा रहे हैं। हरियाणा में सोमवार को 794 नए कोरोना मरीज सामने आए हैं, जिसके साथ ही राज्य में अब कोरोना के कुल 42429 केस हो गए हैं। 6 नई मौतों के साथ प्रदेश में कोरोना से मौतों का आंकड़ा अब 489 पहुंच गया। लोगों की मौत हो चुकी है। 136 लोगों की हालत गंभीर है। इसमें से 114 संक्रमित ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं, जबकि 22 लोग वेंटिलेटर पर हैं।

राज्य में कोरोना के बढ़ते आंकड़ों के बीच खट्टर सरकार ने आज से कोविड-19 को लेकर प्रदेश के सभी जिलों में सीरो-सर्वेक्षण शुरू करवाने का फैसला किया है। सीरो-सर्वेक्षण में व्यक्तिगत रूप से समूहों की जांच की जाएगी, ताकि महामारी के फैलाव का पता लगाया जा सके। सरकार का कहना है कि इस जांच से कोविड-19 के संक्रमण की स्थिति को बेहतर समझने में मदद मिलेगी।

हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक पंचकूला और अंबाला में सामुदायिक चिकित्सा विभाग और स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ, पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, चंडीगढ़ के सहयोग से सर्वेक्षण शुरू हो चुका है। अगस्त, 2020 के अंत तक सर्वेक्षण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

सर्वे के तहत प्रदेश के हर जिले से 850 लोगों का रैंडमली 60-40 प्रतिशत के अनुपात में टेस्ट किया जाएगा, जिसमें ग्रामीण क्षेत्र से 500 और शहरी क्षेत्र से 350 लोग शामिल होंगे। इस प्लान को लेकर हर जिले में एक नोडल अधिकारी लगाया गया है। सरकार का कहना है कि सर्वेक्षण हरियाणा में कंटेनमेंट उपायों को लागू करने के लिए बनाए जाने वाले डिजाइन और क्रियान्वयन हेतू मार्गदर्शन करने में उपयोगी साबित होगा। सर्वे करने वाली टीम में तीन सदस्य होंगे, जिसमें एक चिकित्सा अधिकारी (एमओ), एक सहायक नर्स (एएनएम) और एक प्रयोगशाला तकनीशियन शामिल होंगे।

गौरतलब है कि राज्य में सर्वे का यह फैसला उस वक्त लिया गया है, जब सरकार के तमाम दावों के बावजूद कोरोना के आंकड़े रोजाना तेजी से बढ़ रहे हैं। सरकार पहले एनसीआर में आते गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत जैसे जिलों में कोरोना के प्रसार के लिए दिल्ली पर दोष मढ़ कर पल्ला छ़ुड़ाती रही। लेकिन अब पंचकूला जैसे जिलों में कोरोना के बढ़ते मरीज सरकार को परेशान कर रहे हैं, जिसके लिए उसके पास अब कोई बहाना नहीं है।

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