हरियाणा: 12 जिलों के करीब ढाई सौ क्षेत्र सील, गुरुग्राम-फरीबाद के तीन दर्जन इलाकों समेत नूंह के 140 गांव लॉक

कोरोना पॉजिटिव वाले क्षेत्रों को कंटेनमेंट जोन और इसके आसपास के इलाकों को बफर जोन बनाते हुए इन्‍हें पूरी तरह से लॉक कर दिया गया है। इन क्षेत्रों में अब न कोई आ सकेगा और न जा सकेगा। इनमें गुरुग्राम के करीब दो दर्जन क्षेत्र और फरीदाबाद के दर्जन भर इलाकों समेत नूंह के 140 गांव शामिल हैं।

फोटो : सोशल मीडिया
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धीरेंद्र अवस्थी

हरियाणा में कोरोना मरीजों के बढ़ते आंकड़ों से परेशान सरकार ने प्रदेश के 12 जिलों के तकरीबन ढाई सौ क्षेत्रों को चिन्हित कर इन्‍हें सील कर दिया है। कोरोना पॉजिटिव वाले क्षेत्रों को कंटेनमेंट जोन और इसके आसपास के इलाकों को बफर जोन बनाते हुए इन्‍हें पूरी तरह से लॉक कर दिया गया है। इन क्षेत्रों में अब न कोई आ सकेगा और न जा सकेगा। इनमें गुरुग्राम के करीब दो दर्जन क्षेत्र और फरीदाबाद के दर्जन भर इलाकों समेत नूंह के 140 गांव शामिल हैं। तबलीगी जमात का जन्‍म स्‍थल मेवात का नूंह कोरोना के पॉजिटिव केसों को लेकर संबसे संवेदनशील माना जा रहा है। लॉक किए गए क्षेत्रों में पलवल, झज्‍जर, कैथल, पंचकूला, पानीपत, चरखीदादरी, फतेहाबाद, अंबाला और करनाल के इलाके शामिल हैं।

गुरुग्राम के सेक्टर-9 को महामारी केंद्र मानते हुए इसके पूर्व में रेलवे लाईन एरिया, पश्चिम में सामुदायिक केंद्र सेक्टर-10, उत्तर में बसई गांव और दक्षिण में सेक्टर चार व सात को कन्टेनमेंट जोन तथा धनवापुर, बसई चौक, पटौदी चौक और सेक्टर-4 व 7 को बफर जोन के लिए मैपिंग की गई है।

इसी प्रकार सेक्टर-54/निरवाना कंट्री एरिया को महामारी केंद्र मानते हुए निरवाना पार्ट-2, साऊथ सिटी-2, मेफिल्ड गार्डन और रोजबुड सिटी को कन्टेनमेंट जोन तथा बफर जोन बनाया गया है, जबकि पालम विहार एरिया को महामारी केंद्र मानते हुए गंगा विहार, चंदन नगर, चैमा गांव और सेक्टर-23 की मेपिंग भी कन्टेनमेंट जोन तथा बफर जोन के लिए की गई है।

एम्मार पाल्म गार्डन, सेक्टर-83 को महामारी केंद्र मानते हुए वाटिका, रामपुरा गांव, भांगरोला गांव और कासन गांव की मैपिंग कन्टेनमेंट जोन तथा बफर जोन के लिए की गई है।

इसी प्रकार, लेबरमम (यूपीएचसी चंद्रलोक) को महामारी केंद्र मानते हुए डीएलएफ-5, सेक्टर-43, इफको चौक और हरिजन बस्ती की भी मैपिंग कन्टेनमेंट जोन तथा बफर जोन के लिए की गई है।

सेक्टर-39 (यपीएचसी वजीराबाद) को महामारी केंद्र मानते हुए समसपुर, जयवायु विहार, वजीराबाद और आरडी सिटी की भी मैपिंग कन्टेनमेंट जोन तथा बफर जोन के लिए की गई है।

फरीदाबाद में 13 क्षेत्रों को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है, जिनमें सेक्टर 11, सेक्टर 37, सेक्टर 28, बडख़ल गांव, ग्रीन फील्ड कॉलोनी, ए.सी.नगर, फतेहपुर टागा, खोरी, सेक्टर-16, सेक्टर 3, चांदपुर औरा, मोहना तथा रनहेड़ा गांव शामिल हैं।

सबसे गंभीर स्थिति नूंह की है। नूंह जिले के 36 गांवों को कंटेनमेंट जोन तथा 104 गांवों को बफर जोन घोषित किया गया है, ताकि लोगों की जांच की जा सकें और इस कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार को रोका जा सकें।

जिले के 36 गांव, जो कंटेमेन्ट जोन में हैं, उनमें बिसरू, खानपुर घाटी, उमरा, देवला, भोंड, अखनका, सिधरावट, अगोन, कमेड़ा, नई, मलाब, दिहाना, महू चोपड़ा, चितोदाडा, रानियाला, मदापुर, पुन्हाना, रहीड़ा, रायपुर, रंगड़ बास, निजामपुर तावडू़, ढिढारा, सेवका, सिकारपुर, नूंह, उंटाका, मुरादबास, बाई, चारोरा, रिटठ, शाहपुर, पिनगवां, पापड़ी, गंगवानी, अकबरपुर और घासेड़ा शामिल हैं।

इसी प्रकार 104 गांव जो बफर जोन में हैं, उनमें बडका, आंधकी, फरदरी, गुब्बहेरी, गुलालता, झिमरावत, डाढोला डाढोली कलां, मरोड़ा, बालई, बसई खानजादा, खान मोहम्मदपुर, दानीबस, प्रतापबास, बजहेरडा, भापावली, ठेकरा, कालिंजर, शहरी फिरोजपुर-झिरका, धोंड़ कलां, रिगंर, अलीपुर, तिगरा, हिरवाड़ी, घाटा शमशाबाद, माहोली, दडोली खुर्द, साहपुर, पथराली, बडोपुर, सोलापुर, खेरला कलां, अखनका, नंगली, तिरवाडा, बिछौर, झारोकरी, हथनगांव, निजामपुर, आकेड़ा निजामपुर, लाटूरबास, बीरसिका, नहारिका, शेखपुर, दुगरी, रावा, रानियाली, बघोला, बावनथेरी, शमसाबाद खेतान, पटकपुर, ठेक, पेमा खेडा, मुबारिकपुर, लहरवाड़ी, गोधोला, नहापुर, जाढोली, हिंगनपुर, कटपुरी, औथा, गुरनावट, चुंडिका, कलपुरी, सुबाहेड़ी, रानियाकी, धुलावट, पढेनी, मालाका, सालका, जोगीपुर, अडबर, शाहापुर नंगली, सलहेडी, पल्ला, पालडी, मेवली खुर्द, मेवली कलां, खोरी, शेखपुर, बडोजी, गुंडबास, गहबर, पंचगवां, सिलको, चिल्ला, उमरी हसनपुर, रहपुवा, शाहचोखा, तेड, लहाबास, सटकपुरी, मामलिका, जाख, बुबलहडी, धाना, झारपुरी, सलम्बा, फिरोजपुर नामक और बाजडका शामिल हैं। जिला पलवल में 15 गांवों को कंटेनमेंट जोन तथा साथ लगते 36 गांवों को बफर जोन घोषित कर सीमाएं सील कर दी गई हैं, ताकि अन्य जिलावासी इस महामारी की चपेट में न आएं। जिले के गांव छांयसा, मठेपुर, दूरैंची, महलूका, हुचपुरी कला, कोट, घुडावाली, लखनाका, बाबूपुर हथीन, जलालपुर, गुराकसर, आलीमेव, पहाड़पुर, उटावड और रूपडाका को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। इसी तरह, कंटेनमेंट जोन के साथ लगते 36 गांवों को बफर जोन घोषित किया गया है। बफर जोन में गांव पावसर, रनियाला खुर्द, हुचपुरी खुर्द, खेड़ली ब्राह्मïण, स्वामीका, मीरपुर, रनसीका, खिल्लूका, नागल जाट, रूपनगर नाटोली, हुड़ीथल, गोहपुर, कुकरचाटी, बुराका हथीन, बिघावली, धीरनकी, घिंगड़ाका, मीरका, रूपड़ाका, चिल्ली, मालपुरी, मालूका, टोंका, कुमरेहड़ा, मलाई, आली ब्राह्मïण, अंधोप, खाइका, भूडपुर, जराली, मनकाकी, लड़माकी, पहाड़ी, मोहदमका, अंधरोला व पचानका शामिल हैं।

जिला झज्जर के बहादुरगढ़ में धर्मपुरा मोहल्ला के वार्ड नंबर 17 की एक स्टॉफ नर्स को कोरोना संक्रमित पाए जाने पर इलाज के लिए दिल्ली के सफदरजंग कोविड-19 अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। जिला प्रशासन ने धर्मपुरा मोहल्ला को कंटनमेंट जोन घोषित करके 23 अप्रैल तक सील कर दिया है।

जिला कैथल में महादेव कॉलोनी के वार्ड संख्या-2 को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। इसमें लगभग 1750 मकान हैं और लगभग पांच हजार लोगों की आबादी है। इसके अलावा, अग्रसेनपुरम, गांव सिरता, अर्जुन नगर और डोगरा गेट को बफर जोन घोषित किया गया है।

इसी तरह, जिला पंचकूला में खडक़ मंगौली को महामारी केंद्र मानते हुए नाडा साहिब, नागरिक अस्पताल सेक्टर-6, कमांड हॉस्टिपल और बस स्‍टैंड को कंटेनमेंट जोन, जबकि मोगीनंद, सेक्टर-7, एमडीसी-4 और सेक्टर-10 को बफर जोन बनाया गया है। पानीपत जिले में सनौली खुर्द गांव को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया है।

चरखी दादरी जिले के 35 व्यक्तियों के सैंपल टेस्ट के लिए भेजे गए थे, जिनमें 34 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है तथा एक व्यक्ति में कोरोना की पुष्टि हुई थी। जिला प्रशासन ने इस पर हिंडोल गांव के साथ लगते तीन किलोमीटर की परिधि में पड़ऩे वाले सांवड, फौगाट व सांजरवास गांवों को कंटेनमेंट जोन घोषित किया है। इसके अलावा, सौंफ, कासनी व सांकरोड गांव को बफर जोन घोषित किया गया है।

इसी प्रकार, फतेहाबाद जिले के गांव जांडवाला बागड़ में एक कोरोना पॉजिटिव केस मिलने के बाद गांव जांडवाला बागड़ और ढाबी खुर्द को कंटेनमेंट जोन घोषित किया है। इसके साथ लगते गांव दैयड़ और रामसरा को बफर जोन बनाया गया है।

अंबाला जिले के लिए टिम्बर मार्केट को महामारी केंद्र मानते हुए इसके पूर्व में टांगरी नदी, पश्चिम में मामा-भांजा पीर दरगाह तथा छावनी क्षेत्र, उत्तर में अंबाला बस स्टैंड तथा दक्षिण में शास्त्री कॉलोनी की मैपिंग कंटेनमेंट जोन के लिए की गई है, जबकि गांव कल्हेड़ी और बोह, जुंडली पुल, अंबाला शहर, बलदेव नगर तथा मोहरा गांव की मैपिंग बफर जोन के लिए की गई है।

करनाल जिला के शेखपुरा सुहाना और बिरचपुर गांव से कोविड-19 का एक-एक केस पॉजीटिव पाए जाने पर शेखपुरा सुहाना को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है और इसके साथ लगते गांव रांवर व नगर निगम क्षेत्र के पृथ्वी विहार तथा सूरज विहार को बफर जोन घोषित कर दिया गया है। इसी प्रकार, समस्त बिरचपुर गांव को कंटेन्मेंट जोन तथा इसके साथ लगते गांव बड़ौता, समालखा, बीजणा, जाणी व बुडनपुर आबाद गांव भी बफर जोन में रहेंगे।

जिन गांवों, मोहल्लों और क्षेत्रों में कोरोना पॉजिटिव केसों की पुष्टि हुई है उन्‍हें कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है, जबकि उसके आस-पास के गांवों व क्षेत्रों को प्रतिबंधित क्षेत्र (बफर जोन) घोषित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य इस महामारी के फैलाव को रोकना और लोगों को सचेत करना है, ताकि संक्रमण पर नियंत्रण रखा जा सके। मुख्‍यमंत्री ने कहा है कि इन क्षेत्रों में किसी भी व्यक्ति के आवागमन पर प्रतिबंध रहेगा तथा आशा वर्कर्स व एएनएम की टीमें इन क्षेत्रों में डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग-स्कैनिंग करेंगी और पूरे क्षेत्र को सेनिटाइज किया जाएगा। कंटेनमेंट जोन और बफर जोन में लोगों की राशन, दूध, करियाना, दवाएं व सब्जी जैसी आवश्यक जरूरतें पूरी करवाई जाएंगी।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा ने बताया है कि गैर-प्रभावित जिलों में 125 टेस्ट प्रति जिला और प्रभावित जिलों जैसे कि गुग्राम, पलवल, फरीदाबाद और नूंह में 450 टेस्ट प्रति जिला किए जाएंगे। अगले 4-5 दिनों में सैंपलिंग की मुहिम चलाई जाएगी। हरियाणा में दो दिन पहले तक 2500 सैंपल लिए गए थे और 14 अप्रैल तक 6500 सैंपल लिए जाएंगे।

राजीव अरोड़ा ने बताया कि आज की परिभाषा के अनुसार जिस क्षेत्र में 15 से ज्यादा पॉजिटिव मामले होते हैं उन्हें हॉटस्पॉट श्रेणी में लिया जाता है और ऐसे क्षेत्रों में रैपिड डायग्नोस्टिक किट को इस्तेमाल किया जाएगा।

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