हरियाणा: MSP की मांग कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज का मुद्दा गरमाया, कांग्रेस ने BJP को घेरा, आज पहुंचेंगे राकेश टिकैत

सूरजमुखी की न्यूनतम समर्थन मूल्य की मांग को लेकर किसानों ने दिल्ली-चंडीगढ़-अमृतसर हाईवे जाम कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने जाम खुलवाने को लेकर किसानों पर बल प्रयोग किया। इसमें कई किसान घायल हुए हैं।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

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हरियाणा में किसान एक बार फिर सड़कों पर है। मंगलवार को सूरजमुखी की न्यूनतम समर्थन मूल्य की मांग को लेकर किसानों ने दिल्ली-चंडीगढ़-अमृतसर हाईवे जाम कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने जाम खुलवाने को लेकर किसानों पर बल प्रयोग किया। इसमें कई किसान घायल हुए हैं। वहीं, पुलिस ने किसानों के खिलाफ केस भी दर्ज किया है। पुलिस ने तीन किसान नेताओं और उनके कई समर्थकों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने किसानों पर पत्थर बरसाने का आरोप लगाया है। 

खबरों के मुताबिक, राकेश टिकैत शाहबाद मारकंडा धरना स्थल पर किसानों के बीच पहुंचेंगे। राकेश टिकैत ने कहा कि हरियाणा के कुरुक्षेत्र में धरना दे रहे किसानों पर हरियाणा पुलिस के द्वारा बल प्रयोग करना निंदनीय कार्रवाई है अगर जरूरत पड़ी तो हम आंदोलन के लिए तैयार रहेंगे।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बीजेपी सरकार को घेरा है। उन्होंने ट्वीट करके कहा कि केंद्र सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सूरजमुखी ख़रीदने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों पर कुरुक्षेत्र में पुलिस लाठीचार्ज से बीजेपी के दावे और जमीनी सच्चाई में फर्क का पता लगता है।


दरअसल किसानों का कहना है कि अपनी हकों की आवाज उठाने के लिए किसान कुरुक्षेत्र में धरना प्रदर्शन करने के लिए आए थे, लेकिन पुलिस ने उन पर लाठी चार्ज कर दिया, जिससे प्रदेशभर के किसानों में गुस्सा है।

क्या है पूरा मामला

बता दें कि चंडीगढ़ में किसानों की सूरजमुखी को एमएसपी पर खरीदने को लेकर और भावांतर योजना में ना बेचने को लेकर किसानों और अधिकारियों की शुक्रवार को मीटिंग हुई थी, लेकिन उसमें कोई समाधान ना निकलने के चलते किसान नेता 6 जून को शाहबाद में जाम लगाने की चेतावनी दी थी।

हरियाणा सरकार ने सूरजमुखी को भावांतर योजना में खरीदने का निर्णय लिया है, जिसमें ₹4800 भाव तय किया गया है और भावांतर योजना के तहत ₹1000 किसान को दिए जाएंगे। कुल ₹5800 किसान को प्रति किवंटल सूरजमुखी पर दिया जाएंगे, लेकिन एमएसपी ₹6400 है और इस पर सरकार खरीद नहीं कर रही है। इस पर किसान नाराज हैं।

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