हीटवेव अलर्ट: बढ़ते तापमान के बीच सरकार की एडवाइजरी, इन बातों का जरूर रखें ध्यान
अगर आप किसी बड़े कार्यक्रम, मेले, खेल प्रतियोगिता या भीड़ वाले आयोजन में शामिल हो रहे हैं या उसकी तैयारी कर रहे हैं, तो गर्मी और लू से बचाव का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।

राजधानी दिल्ली समेत देश के कई शहरों में गर्मी की मार अभी से शुरू हो गई है। सुबह-शाम जहां मौसम सामान्य रहता है, वहीं दोपहर में तेज धूप और लू ने लोगों का घर से निकलना मुश्किल कर दिया है। बढ़ते तापमान और हीटवेव की वजह से लोगों को हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और बेहोशी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
ऐसे में अगर आप किसी बड़े कार्यक्रम, मेले, खेल प्रतियोगिता या भीड़ वाले आयोजन में शामिल हो रहे हैं या उसकी तैयारी कर रहे हैं, तो गर्मी और लू से बचाव का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।
राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर बताया कि बढ़ती गर्मी को देखते हुए सेहत के प्रति पहले से सतर्क रहना जरूरी है। अगर आप किसी कार्यक्रम का आयोजन करने का सोच रहे हैं तो स्थानीय मौसम विभाग से यह जरूर जान लें कि कहीं हीटवेव या ज्यादा ह्यूमिडिटी का अलर्ट तो नहीं है। अगर किसी दिन तापमान बहुत ज्यादा हो या हीटवेव की चेतावनी हो, तो कोशिश करनी चाहिए कि उस दिन आउटडोर कार्यक्रम न रखा जाए। अगर रखना ही पड़े तो समय का खास ध्यान रखना चाहिए।
आमतौर पर दिन का सबसे गर्म समय दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच होता है, इसलिए कोशिश करनी चाहिए कि इस समय के दौरान कोई भी भारी गतिविधि या आउटडोर इवेंट न हो। कार्यक्रम को सुबह या शाम के समय रखना ज्यादा सुरक्षित रहता है।
भीड़ वाले आयोजन में पानी की व्यवस्था सबसे जरूरी चीज होती है। हर 500 लोगों पर कम से कम एक साफ और सुरक्षित पानी का स्टॉल होना चाहिए। पानी की गुणवत्ता और सफाई का भी पूरा ध्यान रखना चाहिए, ताकि किसी को पेट या पानी से जुड़ी बीमारी न हो।
इसके साथ ही जगह-जगह पर छांव बनाना बहुत जरूरी है, ताकि लोग सीधे धूप के संपर्क में न आएं। खुली धूप में ज्यादा देर रहने से शरीर जल्दी गर्म हो जाता है और लोग बीमार पड़ सकते हैं। इसलिए बैठने और आराम करने के लिए छायादार जगह जरूर होनी चाहिए।
भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों में कूलिंग और मिस्टिंग एरिया बनाना भी बहुत मददगार होता है। यहां पानी की हल्की फुहार या ठंडी हवा से लोगों को राहत मिलती है, जिससे शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है और हीट स्ट्रोक का खतरा कम हो जाता है।
आयोजकों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि अगर किसी को लू लग जाए या हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखें, जैसे तेज बुखार, चक्कर आना, उलझन या बेहोशी, तो तुरंत मेडिकल मदद उपलब्ध हो। इसके लिए एंबुलेंस और मेडिकल टीम तैयार रहनी चाहिए, ताकि मरीज को जल्दी से अस्पताल पहुंचाया जा सके। साथ ही, लोगों को उनकी स्थानीय भाषा में यह भी बताया जाना चाहिए कि हीट रिलेटेड बीमारियों के लक्षण क्या होते हैं और कब डॉक्टर की मदद लेनी चाहिए। इससे लोग खुद भी सतर्क रहेंगे और दूसरों की मदद भी कर पाएंगे। अगर कोई व्यक्ति बेहोश हो जाए या उसकी हालत गंभीर हो, तो तुरंत 108 या 102 पर कॉल करना चाहिए।
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