हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का दौर जारी, 822 सड़कें बंद, तीन महीने में 45 बार बादल फटा, 93 बार हुए बड़े भूस्खलन

अधिकारियों ने बताया कि 20 जून से 30 अगस्त तक मानसून के दस्तक देने के बाद राज्य में 91 बार अचानक बाढ़, 45 बार बादल फटने और 93 बड़े भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं।

फोटो: PTI
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नवजीवन डेस्क

हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है और तीन राष्ट्रीय राजमार्गों सहित 822 सड़कों पर यातायात रोकना पड़ा है।स्थानीय मौसम विभाग ने बिलासपुर, सोलन और सिरमौर जिले में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

अधिकारियों ने बताया कि 20 जून से 30 अगस्त तक मानसून के दस्तक देने के बाद राज्य में 91 बार अचानक बाढ़, 45 बार बादल फटने और 93 बड़े भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं।

अधिकारियों ने बताया कि रविवार सुबह राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों - ओल्ड हिंदुस्तान तिब्बत रोड, मंडी-धरमपुर रोड और औट-सैंज रोड सहित कुल 822 सड़कें बंद हैं।


उन्होंने बताया कि नैतर और भाग नदियों में अचानक आई बाढ़ के कारण मनाली-नग्गर-कुल्लू मार्ग बाधित हो गया है और वहां मरम्मत कार्य जारी है। अधिकारियों के मुताबिक शिमला शहर के बाहरी इलाके में दो वाहन भी मलबे में दब गए।

राज्य आपात परिचालन संचालन केंद्र (एसईओसी) के मुताबिक बारिश संबंधी घटनाओं से 1,236 बिजली ट्रांसफार्मर और 424 जलापूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। अधिकारियों ने बताया कि भरमौर और चंबा में फंसे मणिनाथ यात्रा तीर्थयात्रियों को निकाला जा रहा है।

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