रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी: शरद पवार ने कहा- सरकार को ‘राजनीतिक कीमत’ चुकानी पड़ेगी

शरद पवार ने दावा किया कि महंगाई के कारण देश भर के लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और उन्होंने सरकार के इस रुख पर सवाल उठाया कि मूल्य वृद्धि नियंत्रण में है।

फोटोः PTI
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नवजीवन डेस्क

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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार ने बढ़ती महंगाई को लेकर रविवार को केंद्र सरकार की आलोचना की और दावा किया कि आवश्यक वस्तुओं की बार-बार बढ़ रही कीमतों का बोझ आम लोगों पर पड़ रहा है, जिसके लिए सरकार को राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ेगी।

शरद पवार ने दावा किया कि महंगाई के कारण देश भर के लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और उन्होंने सरकार के इस रुख पर सवाल उठाया कि मूल्य वृद्धि नियंत्रण में है।

पवार ने कहा, ‘‘शुरुआत में तो यह बढ़ोतरी सिर्फ दो रुपये की थी, लेकिन समय के साथ-साथ यह बढ़ती ही गई और आज हम देख सकते हैं कि कीमतें कितनी बढ़ गई हैं। इन सबका सीधा असर आम लोगों की आर्थिक स्थिति और दैनिक जीवन पर पड़ता है।’’

शरद पवार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुरू में दावा किया था कि उनकी सरकार महंगाई को नियंत्रण में रखेगी। उन्होंने कहा कि अब ऐसा लगता है कि केंद्र सरकार के लिए ‘महंगाई पर नियंत्रण’ का मतलब लोगों को चरणबद्ध तरीके से कीमतों में बढ़ोतरी के झटके देना रह गया है।

एलपीजी की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बारे में पूछे जाने पर पवार ने कहा, ‘‘जो इसके लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें इसकी राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ेगी।’’


कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने भारतीय जनता पार्टी पर महंगाई के संबंध में अपने पहले के रुख से पलटने का आरोप लगाया और कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी अब आम लोगों को प्रभावित करने वाले मुद्दों के प्रति वैसी चिंता नहीं दिखा रही है, जैसी उसने विपक्ष में रहते हुए दिखाई थी।

वडेट्टीवार ने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) शासन के दौरान जब भी रसोई गैस की कीमतें बढ़ाई जाती थीं, भाजपा नेता विरोध प्रदर्शन करते थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद से ईंधन और एलपीजी की कीमतों में बार-बार बढ़ोतरी के बावजूद वे चुप हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘पिछले कुछ महीनों में व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में तेजी से वृद्धि हुई है और पेट्रोल, डीजल एवं सीएनजी की कीमतों में भी हाल के वर्षों में कई बार संशोधन हुए हैं। महंगाई से परिवारों के बजट पर गंभीर असर पड़ रहा और मध्यम वर्ग तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा।’’

घरेलू रसोई गैस के दाम में प्रति सिलेंडर 29 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। पिछले तीन महीनों में यह दूसरी बार है, जब घरेलू एलपीजी की कीमत बढ़ाई गई है।

पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की कीमतों में वृद्धि होने के बाद सात मार्च को प्रति सिलेंडर 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी।

केंद्र सरकार ने घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी के फैसले का बचाव करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में तेज उछाल के बावजूद भारत में परिवारों को रसोई गैस दुनिया के अन्य देशों की तुलना में सस्ती कीमत पर मिल रही है।

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