हिंडनबर्ग ने इस बार हिलाया ट्विटर के पूर्व सीईओ जैक डोर्सी को, रिपोर्ट सामने आते ही कैश एप 'ब्लॉक' के शेयर धड़ाम

हिंडनबर्ग ने इस बार ट्विटर के पूर्व सीईओ जैक डोर्सी को हिला डाला। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट सामने आने के बाद उनकी कंपनी ब्लॉक के शेयर गोता खा गए। आरोप है कि ब्लॉक ने बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया।

फोटो : सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

भारत के अडानी समूह को हिला देने वाली अमेरिकी फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च ने गुरुवार को एक और धमाका किया। इस बार उसके निशाने पर आए ट्विटर के पूर्व सीईओ और वर्तमान में पेमेंट कंपनी ब्लॉक के संचालक जैक डोर्सी। हिंडनबर्ग की रिसर्च की रिपोर्ट सामने आते ही ब्लॉक के शेयरों ने गोता खाया और कंपनी के शेयरों में 20 फीसदी तक की गिरावट दर्ज हुई।

बता दें कि हिंडनबर्ग एक शॉर्ट सेलर (ऐसी कंपनी जो किसी भी बड़े समूह के शेयरों को बेचकर पैसे कमाती है या कहें कि किसी कंपनी के शेयरों में गिरावट का अनुमान लगाकर शेयर बाजार से पैसे कमाती है) के तौर पर जानी जाती है। जनवरी माह में हिंडनबर्ग ने गौतम अडानी की कंपनियों पर रिपोर्ट जारी की थी जिसके बाद अडानी समूह की दौलत करीब 150 अरब डॉलर कम हो गई थी। इस बार उसके निशाने पर ब्लॉक आई है जो अमेरिका की मशहूर कैश एप मोबाइल पेमेंट फेसिलिटेटर है।

हिंडनबर्ग की रिपोर्ट सामने आते ही जैक डोर्सी द्वारा संचालित ब्लॉक के शेयरों में इस जानकारी के साथ ही भारी गिरावट दर्ज होने लगी कि डिजिटल भुगतान कंपनी उपभोक्ताओं और सरकार के खिलाफ धोखाधड़ी की सुविधा देती है, विनियमन से बचती है, धोखाधड़ी वाले कर्ज दिलाती है और शुल्क के रूप में क्रांतिकारी तकनीक और बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए गए आंकड़ों के साथ निवेशकों को गुमराह करती है।

ब्लॉक को इसे पहले स्क्वायर के नाम से जाना जाता था और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसकी मार्केट वैल्यू करीब 44 अरब डॉलर है। हिंडनबर्ग का कहना है कि इस कंपनी ने एक किस्म की ‘जादुई’ और ‘बिना रोक वाली’ वित्तीय तकनीक का इस्तेमाल कर ऐसे लोगों की मदद की जिन पर बैंक भरोसा नहीं कर सकते थे या कम भरोसा करते थे।


हिंडनबर्ग का कहना है कि, “हमारी रिसर्च से सामने आया है कि ब्लॉक ने असली यूजर्स की संख्या को बेतहाशा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया और नए यूजर्स को हासिल करने के ले होने वाले खर्च को कम करके दिखाया।” हिंडनबर्ग रिसर्च का कहना है कि दो साल की गहन पड़ताल के बाद सामने आया कि दरअसल ब्लॉक ने ऐसे लोगों से ही फायदा उठाया जिनके बारे में इसका कहना था कि वह इनकी मदद कर रही है। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि, “हमारा मानना है कि जैक डोर्सी ने एक साम्राज्य खड़ा कर लिया और खुद के लिए करीब 5 अरब डॉलर की संपत्ति सिर्फ यह कहकर जुटा ली कि वह लोगों की मदद कर रहे हैं।”

अधिकांश विश्लेषक ब्लॉक के कैश ऐप प्लेटफॉर्म में कोविड महामारी के बाद के उछाल के बारे में इस उम्मीद के साथ उत्साहित थे कि इसके 51 मिलियन मासिक लेन-देन सक्रिय उपयोगकर्ता और कम ग्राहक अधिग्रहण लागत उच्च मार्जिन वृद्धि को बढ़ावा देगी और नए उत्पादों की पेशकश करने के लिए भविष्य के मंच के रूप में काम करेगी।

बताया जाता है कि पूर्व कर्मचारियों का अनुमान है कि उन्होंने जिन खातों की समीक्षा की, उनमें से 40 से 75 प्रतिशत तक फर्जी थे, धोखाधड़ी में शामिल थे या एक ही व्यक्ति से जुड़े अतिरिक्त खाते थे।

इस बारे में अभी तक ब्लॉक या डोर्सी की तरफ से हिंडनबर्ग रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया नहीं आई है। हिंडनबर्ग का कहना है कि ब्लॉक के को-फाउंडर्स डोर्सी और जेम्स मैककेलवी ने कंपनी में अपने हिस्से के करीब एक अरब डॉलर के शेयर उस समय बेच दिए थे जब महामारी के दौरान शेयरों में उछाल आया था।

रिपोर्ट में एक भारतीय का भी नाम है, और वह हैं कंपनी की एक्जीक्यूटिव अमृता आहूजा जोकि कंपनी में वित्त विभाग की प्रमुख हैं। साथ ही ब्रायन ग्रासेडोनिया का नाम भी लिया गया है जो कैश ऐप के इंचार्ज हैं। इन दोनों  ने भी कंपनी में अपने हिस्से के लाखों डॉलर के शेयर बेचे हैं।

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