हिंदू-मुस्लिम का डीएनए एक तो धर्म परिवर्तन और लव जिहाद कानून की क्या जरुरत, भागवत के बयान पर दिग्विजय का तंज

राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत के 'सभी भारतीयों का डीएनए एक होने' के बयान को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जब हिंदू और मुसलमान का डीएनए एक है तो धर्म परिवर्तन और लव जिहाद कानून की क्या आवश्यकता है।

फोटोः सोशल मीडिया
फोटोः सोशल मीडिया
user

नवजीवन डेस्क

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के 'सभी भारतीयों का डीएनए एक होने' के बयान को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जब हिंदू और मुसलमान का डीएनए एक है तो धर्म परिवर्तन और लव जिहाद कानून की क्या आवश्यकता है।

राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए संघ प्रमुख के बयान पर तंज कसा है और कहा है कि, "जब हिंदू मुसलमान का डीएनए एक है तो मोहन भागवत और ओवेसी का डीएनए भी एक ही है, ऐसे में लव जिहाद कानून की क्या आवश्यकता है और धर्मांतरण कानून की क्या आवश्यकता है?"


आईएएनएस के इनपुट के साथ

नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia