‘यह प्याज हमें किस मोड़ पे ले आया, दिल करे हाय, कोई तो बताए क्या होगा...’

पूरे देश में प्याज को लेकर हाहाकार मचा है। मोदी सरकार के मंत्री अनाप-शनाप बयान दे रहे हैं, गृहमंत्री मंत्री समूह की बैठक कर रहे हैं, लोग सोशल मीडिया पर मजे कर रहे हैं, लेकिन आम लोग बढ़ी कीमतों पर प्याज के आंसू रो रहे हैं।

फोटो : @INCIndia
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नवजीवन डेस्क

मंत्री बोलीं प्याज नहीं खाती, दूसरे मंत्री बोले शाकाहारी हूं, आजम खान बोले सब कुछ छोड़ दो, चिदंबरम ने पूछा, वह क्या एवोकाडो खाती हैं। इस सबके बीच सरकार को भी समझ आया कि प्याज का संकट बड़ा हो गया है, फिर कहीं गृहमंत्री अमित तमाम मंत्रियों के साथ सिर जोड़कर बैठे कि इससे पहले ‘हमारे आंसू निकलें, प्याज संकट पर कुछ किया जाए...’

विपक्ष ने सड़क से लेकर संसद तक प्याज को मुद्दा बना दिया है और आम आदमी प्याज के आंसू रो रहा है। ऐसे में सरकार ने प्याज की कीमतों को काबू करने की कोशिशें करना शुरु कर दी हैं। इस सिलसिले में गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में मंत्रियों के समूह की बैठक बुलाई गई, जिसमें पीयूष गोयल, नरेंद्र सिंह तोमर और कैबिनेट सचिव राजीव गाबा और पीएम के सलाहकार पीके सिन्हा मौजूद रहे।

ध्यान रहे कि पूरे देश में प्याज की कीमतों को लेकर हाहकार मचा हुआ है। पिछले हफ्ते एक किलो प्याज 70-80 रुपये में मिल रहा था जो अब अचानक दाम 100-150 रुपये किलो तक पहुंच गया है।

इस दौरान मोदी सरकार के मंत्रियों के प्याज को लेकर अजीबोगरीब बयान सामने आए हैं। पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वह खाने में प्याज-लहसुन इस्तेमाल नहीं करतीं। उनके बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने भी कमोबेश ऐसा ही बयान दिया। उन्होंने कहा, 'मैं शाकाहारी हूं। कभी प्याज नहीं खाया है। तो मेरे जैसा इंसान प्याज के दामों के बारे में कैसे जानेगा।'

इससे पहले विपक्षी नेताओं ने संसद परिसर में प्याज की कीमतों पर विरोध प्रदर्शन किया। इसमें पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम भी शमिल हुए। इसके बाद में एक प्रेस कांफ्रेंस में चिदंबरम ने कहा, “वित्त मंत्री पर उनकी टिप्पणी व्यंग्यात्मक नहीं थी। मैं व्यंग्य नहीं कर रहा था, मैं उसे उद्धृत कर रहा था। उन्हें पहले से योजना बनानी चाहिए थी, अब प्याज आयात करने का क्या मतलब है, वे कब आएंगे। लेकिन अगर वित्त मंत्री कहती हैं कि मैं प्याज नहीं खाती, तो इससे इस सरकार की मानसिकता का पता चलता है।“

ध्यान रहे कि कल ही (बुधवार को) सरकार ने कहा था कि एमएमटीसी ने तुर्की से 4,000 टन प्याज आयात का एक और ऑर्डर दे रखा है और शिपमेंट जनवरी के मध्य तक पहुंचने की उम्मीद है। यह 17,090 टन प्याज के अलावा पहले से अनुबंधित है, जिसमें मिस्र से 6,090 टन और तुर्की से 11,000 टन शामिल हैं। कांग्रेस ने वित्त मंत्री के ‘प्याज नहीं खाती’ वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा है, “इस 'न्यू इंडिया' में अगर प्याज खाना है, तो कर्जा लेकर ब्याज चुकाना होगा। ये अलग बात है कि मोदी जी के मित्र न ब्याज चुकाते हैं, न ही मूलधन और उड़ लेते हैं।”

इस बीच सोशल मीडिया पर प्याज को लेकर लोग मजेदार कमेंट कर रहे हैं। फिल्म निर्देशक अनुभव सिन्हा ने लिखा, “प्याज़ हमें किस मोड़ पे ले आया, के दिल करे हाए, कोई ये बताए, क्या होगा।”

वहीं पूर्व न्यायाधीश मर्कंडेय काटजू ने लिखा, प्याज किया तो डरना क्या। इससे पहले पत्रकार अजीत अंजुम ने लिखा, “अबकी बार, बिना प्याज वाली सरकार”

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