कोरोना का XE वैरिएंट कितना है खतरनाक, क्या इससे डरने की है जरूरत? NTAGI के चेयरमैन का आया बड़ा बयान

एनके अरोड़ा ने ने कहा कि ओमीक्रोन कई नए रूप को जन्म दे रहा है यह X सीरीज की तरह है जैसे XE है। घबराने की कोई बात नहीं है,इनमें से कोई भी गंभीर बीमारी पैदा नहीं कर रहा है या फिलहाल कोरोना के भारतीय आंकड़ों के अनुसार यह बहुत तेजी से फैलता हुई नहीं दिख रहा।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया
user

नवजीवन डेस्क

देश में कोरोना के नए एक्सई वैरिएंट से लोगों में दहशत का माहौल है। देश के कुछ हिस्सों में यह फैल रह है। बताया जा रहा है कि यह काफी संक्रामक। इस बीच इस वैरिएंट को लेकर टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह का बयान आया है। टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (NTAGI) के चेयरमैन एनके अरोड़ा ने इस वैरिएंट को लेकर अहम जानकारी दी है।

एनके अरोड़ा ने ने कहा, “ओमीक्रोन कई नए रूप को जन्म दे रहा है यह X सीरीज की तरह है जैसे XE है। घबराने की कोई बात नहीं है,इनमें से कोई भी गंभीर बीमारी पैदा नहीं कर रहा है या फिलहाल कोरोना के भारतीय आंकड़ों के अनुसार यह बहुत तेजी से फैलता हुई नहीं दिख रहा।”

एक्सई वैरिएंट ओमिक्रॉन वैरिएंट के उपभेदों का एक उत्परिवर्तन (म्यूटेशन ऑफ स्ट्रेन) है, जो दुनिया भर में फैला हुआ है। इसके बारे में पहली बार 19 जनवरी को यूके में पता चला था और तब से सैकड़ों रिपोर्ट और पुष्टि की जा चुकी है।

शुरुआती संकेत बताते हैं कि यह अन्य ओमिक्रॉन म्यूटेशन की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत अधिक तेजी से फैल सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, नया एक्सई वैरिएंट दो अन्य ओमिक्रॉन वैरिएंट्स, बीए.1 और बीए.2 का एक म्यूटेंट हाईब्रिड है और वैश्विक स्तर पर फैल रहे मामलों के लिए जिम्मेदार है।


विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, नया म्यूटेंट ओमिक्रॉन के बीए.2 सब-वैरिएंट की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत अधिक ट्रांसमिसिबल (तेजी से फैलने वाला) है। हालांकि दुनिया भर में एक्सई के फिलहाल कम ही मामले देखने को मिले हैं, मगर इसकी अत्यधिक उच्च संचरण क्षमता का मतलब यह हो सकता है कि यह निकट भविष्य में सबसे प्रभावशाली स्ट्रेन बन जाता है।

नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia