सिक्किम में बाढ़ से भीषण तबाही, अब तक 14 लोगों की मौत, 102 लापता, हजारों लोग बचाए गए, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

नेशनल हाईवे NH-10 भी बाढ़ की वजह से बह गया है। ऐसे में आवाजाही बाधित हो गई है। इस दौरान रेस्क्यू टीम ने आसपास के 4 हजार से ज्यादा लोगों को 5 राहत शिविरों में सुरक्षित पहुंचाया।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

उत्तरी सिक्किम में ल्होनक झील के ऊपर बादल फटने से लाचेन घाटी में तीस्ता नदी में आई बाढ़ से भीषण तबाही मची है। अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है और 102 लोग लापता हैं। वहीं, 26 लोग घायल हुए हैं। यह जानकारी सिक्किम की सरकार ने दी है। बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

रक्षा पीआरओ ने बुधवार को बता था कि बादल फटने और अचानक बाढ़ आने से घाटी में कुछ सैन्य प्रतिष्ठान प्रभावित हुए हैं। उन्होंने बताया कि सेना के 23 कर्मियों के लापता हैं और कुछ वाहनों के कीचड़ में डूबे की भी खबर है। पीआरओ ने बताया कि तलाशी अभियान जारी है। सेना ने बुधवार शाम को अपडेट दिया कि सिंगताम शहर से लापता हुए 23 सैनिकों में से एक को बचा लिया गया है। जवान की हालत स्थिर है।

नेशनल हाईवे NH-10 भी बाढ़ की वजह से बह गया है। ऐसे में आवाजाही बाधित हो गई है। इस दौरान रेस्क्यू टीम ने आसपास के 4 हजार से ज्यादा लोगों को 5 राहत शिविरों में सुरक्षित पहुंचा दिया है। कई घरों में भी नदी का पानी घुस आया। ऐसे में लोगों को अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ा है।

सिक्किम सरकार ने आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत इसे आपदा घोषित कर दिया है। NDRF की टीमें बचाव अभियान में जुटी हुई हैं। सिक्किम के सिंगतम से 7 लोगों को बचाया। एनडीआरएफ की एक टीम गंगटोक में और दो टीमें पश्चिम बंगाल के सिक्किम से सटे इलाकों में तैनात हैं।

सिक्किम में बादल फटने के बाद पश्चिम बंगाल के कलिम्पोंग में भी बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। राज्य के मुख्य सचिव एचके द्विवेदी ने बताया कि तीस्ता बैराज से 3 शव बरामद किए गए हैं। इलाके में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

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