फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी हैदराबाद रेप पीड़िता केस की सुनवाई, जल्द न्याय दिलाने के लिए तेलंगाना सरकार का फैसला

हैदराबाद में पीड़िता को इंसाफ दिलाने की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन जारी है। शमशाबाद में पीड़िता के घर के पास रविवार को उस समय तनाव पैदा हो गया, जब स्थानीय लोगों ने राजनेताओं, पुलिस और मीडिया को इलाके में प्रवेश करने से रोक दिया।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

हैदराबाद में महिला महिला पशु चिकित्सा से रेप और हत्या मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी। तेलंगाना के मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से बयान जारी कर कहा गया, “सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि महिला पशु चिकित्सक के घिनौने कत्ल के अभियुक्तों से तेजी से पूछताछ की जाए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। सीएम ने मामले की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का भी फैसला किया।”

वहीं, तेलंगाना के शमशाबाद में पीड़िता के घर के पास रविवार को तनाव पैदा हो गया, क्योंकि स्थानीय लोगों ने राजनेताओं, पुलिस और मीडिया को इलाके में प्रवेश करने से रोक दिया। हैदराबाद के बाहरी इलाके शमशाबाद में जहां दरिंदगी की भेंट चढ़ी युवती का घर है, वहां रिहायशी इलाके के नक्षत्र विला के गेट पर एक बोर्ड टंगा हुआ था, जिस पर लिखा था, "कोई सहानुभूति नहीं, केवल कार्रवाई और न्याय।"

स्थानीय लोगों ने गेट को अंदर से बंद कर दिया और यहां कुछ अन्य बोर्ड भी टंगे देखे गए। इन पर लिखा था, "नो एंट्रेंस, नो पॉलिटिशियन, नो मीडिया, नो पुलिस, नो आउटसाइडर्स।"

प्रदर्शनकारी 27 नवंबर की रात शमशाबाद में आउटर रिंग रोड के पास 25 वर्षीय महिला पशु चिकित्सक के साथ चार ट्रक ड्राइवरों और क्लीनर द्वारा सामूहिक दुष्कर्म और जिंदा जलाए जाने की घटना पर न्याय की मांग करते रहे। इस दौरान लोग नारेबाजी करते हुए सड़क पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने पीड़िता के घर के पास मौजूद पुलिसकर्मियों और बाहरी लोगों को इलाका छोड़ने के लिए भी मजबूर कर दिया। स्थानीय निवासी अंदर आने से पहले लोगों की पहचान कर रहे थे। कुछ राजनीतिक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं को लोगों के विरोध के कारण पीड़िता के परिवार से मिले बिना वापस जाना पड़ा। वहीं पीड़ित परिवार ने राजनेताओं से कहा कि वे उनके घर पर जाकर सांत्वना और सहानुभूति व्यक्त करने के बजाए उन्हें न्याय सुनिश्चित करें।

तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष और राज्य मंत्री के. टी. रामाराव (केटीआर) ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दुष्कर्म पीड़िता पशु चिकित्सक के परिवार के साथ न्याय करने का आग्रह किया। हैदराबाद के बाहरी इलाके में 27 नवंबर को युवा पशु चिकित्सक के साथ सामूहिक दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी गई थी।

रामा राव ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) में संशोधन की मांग की, ताकि जो भी हमारी महिलाओं और बच्चों के साथ इस तरह के जघन्य कृत्य को अंजाम दे, उन्हें बिना देरी के मृत्युदंड दिया जा सके। टीआरएस नेता ने मांग की कि इस तरह के मामलों में समीक्षा का कोई विकल्प नहीं होना चाहिए।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के बेटे राम राव ने रविवार को ट्वीट कर प्रधानमंत्री को याद दिलाया कि निर्भया के भयावह दुष्कर्म और हत्या के सात साल बाद भी दोषियों को फांसी नहीं दी गई है। रामा राव ने कहा कि तेलंगाना में हाल ही में एक नौ महीने की बच्ची का दुष्कर्म किया गया था, जिस पर निचली अदालत ने आरोपी को मृत्युदंड दिया, मगर हाई कोर्ट ने इसे आजीवन कारावास में बदल दिया।

रामा राव ने ट्वीट किया, "हैदराबाद में एक युवा पशु चिकित्सक की बर्बरतापूर्वक हत्या कर दी गई और अपराधियों को पकड़ लिया गया है। लेकिन मुझे आश्चर्य है कि हम कैसे पीड़ित परिवार को न्याय की मांग के लिए सांत्वना दे सकते हैं। न्याय में देरी न्याय नहीं है सर। इस मुद्दे को संसद सत्र में एक दिन की चर्चा के लिए प्राथमिकता के साथ लिए जाने की अपील करता हूं।"

उन्होंने कहा कि हमारे अधिनियमों और कानूनों के पुरातन हिस्सों में संशोधन करने का समय आ गया है। रामा राव ने भारी जन आक्रोश के साथ दोषियों को तुरंत मौत की सजा देने की गुहार के बीच यह अपील की है।

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