बंगाल में SIR और चुनाव कराने वाले IAS मनोज अग्रवाल को मिला ईनाम! शुभेंदु ने बनाया राज्य का मुख्य सचिव

एक दिन पहले ही एसआईआर और चुनाव में अहम भूमिका निभाने वाले रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सुब्रत गुप्ता को मुख्यमंत्री का सलाहकार नियुक्त किया गया था।

बंगाल में SIR और चुनाव कराने वाले IAS मनोज अग्रवाल को मिला ईनाम! शुभेंदु ने बनाया राज्य का मुख्य सचिव
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नवजीवन डेस्क

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पश्चिम बंगाल की बीजेपी सरकार ने मनोज अग्रवाल को राज्य का मुख्य सचिव नियुक्त किया है। मनोज अग्रवाल के ही नेतृत्व में राज्य में विवादास्पद एसआईआर की प्रक्रिया हुई, जिसमें लाखों लोगों के नाम काट दिए गए। इसके बाद उन्होंने ही राज्य में विधानसभा चुनाव संपन्न कराया, जिसमें बीजेपी की बड़ी जीत हुई। एक दिन पहले ही एसआईआर और चुनाव में अहम भूमिका निभाने वाले रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सुब्रत गुप्ता को मुख्यमंत्री का सलाहकार नियुक्त किया गया था।

पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रहे मनोज अग्रवाल को राज्य का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। सोमवार को जारी आधिकारिक आदेश में कहा गया कि मौजूदा मुख्य सचिव दुष्यंत नरियाला को नयी दिल्ली में प्रमुख स्थानीय आयुक्त नियुक्त किया गया है। निर्वाचन आयोग ने नंदिनी चक्रवर्ती को मुख्य सचिव पद से हटाकर 1993 बैच के आईएएस अधिकारी नरियाला को इस पद पर नियुक्त किया था।


1990 बैच के पश्चिम बंगाल कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी मनोज अग्रवाल ने राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग द्वारा कराए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का नेतृत्व किया था। एसआईआर के दौरान लगभग 91 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए थे। राज्य में यह पूरी प्रक्रिया विवादित रही और बेहद लंबी चली।

मनोज अग्रवाल को मार्च 2025 में भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा मुख्य निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया गया था। उन्होंने फरवरी 2017 से इस पद पर रहे आरिफ आफताब का स्थान लिया था, जो दिसंबर 2024 में सेवानिवृत्त हुए थे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के रूप में, अग्रवाल राज्य सचिवालय में चुनाव विभाग के प्रभारी अतिरिक्त मुख्य सचिव का अतिरिक्त पद भी संभाल रहे थे।


खास बात है कि इससे पहले शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सुब्रत गुप्ता को मुख्यमंत्री का सलाहकार नियुक्त किया गया था। वह 1990 बैच के अधिकारी हैं और राज्य में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त विशेष रोल ऑब्जर्वर थे। इसके साथ ही उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में भी बड़ी जिम्मेदारी निभाई थी। सुब्रत गुप्ता पश्चिम बंगाल के ही रहने वाले हैं। इस प्रकार राज्य में पहले विवादित एसआईआर और फिर विधानसभा चुनाव कराने में सबसे अहम भूमिका निभाने वाले चुनाव आयोग के दो अधिकारियों को अब सरकार में शामिल कर लिया गया है।

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