मौसम अपडेट: यूपी-बिहार, बंगाल, असम और केरल में भारी बारिश की चेतावनी, कई राज्यों में फ्लैश फ्लड का खतरा
देशभर में मॉनसून धीमा लेकिन सक्रिय है। IMD ने यूपी, बिहार, असम, हिमाचल समेत कई राज्यों में भारी बारिश, बिजली गिरने और फ्लैश फ्लड का अलर्ट जारी किया है।

देशभर में मॉनसून की रफ्तार फिलहाल सामान्य से धीमी बनी हुई है और अब तक बारिश में कुल 12 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। इसके बावजूद मौसम विभाग ने अगले एक सप्ताह तक देश के कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की चेतावनी दी है। बुधवार सुबह दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाकों में सावन की रिमझिम बारिश के साथ दिन की शुरुआत हुई। वहीं उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तेलंगाना समेत कई राज्यों पर भारतीय मौसम विभाग (IMD) की खास नजर बनी हुई है। कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज हवाएं, बिजली गिरने खतरा जताया गया है।
यूपी से उत्तर-पूर्व तक भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत राज्य के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के 50 जिलों में बुधवार से शुक्रवार तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा करीब 36 जिलों में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने का भी अलर्ट है।
आईएमडी के अनुसार, अगले दो दिनों तक उत्तर-पूर्व और उससे सटे पूर्वी भारत के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद भी अगले पांच दिनों तक कई इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। 5 अगस्त को असम और मेघालय में 21 सेंटीमीटर या उससे अधिक बारिश होने की संभावना है। वहीं 5 से 10 अगस्त के बीच नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश में व्यापक बारिश का अनुमान है।
इसी दौरान अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में भी अच्छी बारिश हो सकती है। झारखंड में 5 से 8 अगस्त और 10 अगस्त, जबकि बिहार में 5 और 6 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है। केरल, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी अगले तीन दिनों तक कई स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
फ्लैश फ्लड और भूस्खलन का खतरा
लगातार बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए उत्तर-पूर्व, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पश्चिमी हिमालय के कुछ हिस्सों में कम से मध्यम स्तर की फ्लैश फ्लड यानी अचानक बाढ़ की चेतावनी जारी की है। दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, कूचबिहार और सिक्किम के सभी जिले अलर्ट पर हैं। असम और मेघालय के कोकराझार, बोंगाईगांव, धुबरी, कामरूप ग्रामीण, दरंग, नगांव, गोलाघाट, जोरहाट, डिब्रूगढ़, तिनसुकिया तथा खासी, गारो और जैंतिया हिल्स के कई जिले भी चेतावनी के दायरे में हैं।
मणिपुर के सेनापति, उखरूल, थोउबाल, चंदेल और चुराचांदपुर के साथ नागालैंड के कोहिमा, दीमापुर, फेक, तुएनसांग, वोखा, मोकोकचुंग, लोंगलेंग और मोन जिलों को भी सतर्क रहने के लिए कहा गया है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड के कई इलाकों में भी अचानक बाढ़ का खतरा जताया गया है। हिमाचल के चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर, जम्मू-कश्मीर के डोडा, कठुआ और उधमपुर तथा उत्तराखंड के देहरादून, टिहरी गढ़वाल, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल, चंपावत और पौड़ी गढ़वाल जिलों के लिए भी चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने लोगों से निचले इलाकों, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से सावधानी बरतने तथा स्थानीय मौसम अपडेट पर लगातार नजर रखने की अपील की है।
हिमाचल में अगले 6 दिनों तक सक्रिय रहेगा मॉनसून, भारी बारिश की संभावना
हिमाचल प्रदेश में भी बारिश से राहत मिलने के आसार फिलहाल नहीं हैं। शिमला मौसम केंद्र के वैज्ञानिक संदीप शर्मा के मुताबिक अगले पांच से छह दिनों तक राज्य में मॉनसून सक्रिय रहेगा। 7 अगस्त तक अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 8 और 9 अगस्त को भी मध्य पहाड़ी और मैदानी जिलों में बारिश जारी रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग के अनुसार, 5 अगस्त को कांगड़ा और मंडी, 6 अगस्त को बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन और सिरमौर, जबकि 7 अगस्त को कांगड़ा, चंबा और मंडी जिलों में भारी बारिश की संभावना है। सोलन, शिमला और सिरमौर के कुछ इलाकों में घने बादलों और तेज बारिश के दौरान दृश्यता काफी कम हो सकती है।
जुलाई के मॉनसून आंकड़ों के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में सामान्य से 6 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई। कुल्लू में सबसे ज्यादा 62 फीसदी अधिक बारिश हुई, जबकि हमीरपुर और लाहौल-स्पीति में करीब 43 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड की गई। हालांकि 1 जून से 3 अगस्त तक पूरे मॉनसून सीजन में राज्य में कुल मिलाकर 9 फीसदी बारिश की कमी दर्ज हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक, रुक-रुककर हो रही बारिश के बावजूद तापमान में बहुत अधिक गिरावट की संभावना नहीं है। शिमला और मनाली में अधिकतम तापमान 20 से 22 डिग्री सेल्सियस, सोलन और धर्मशाला में 28 से 30 डिग्री, जबकि मंडी, हमीरपुर, बिलासपुर, ऊना और पांवटा साहिब में 32 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है।
कई राज्यों से बाढ़, जलभराव और हादसों की तस्वीरें
लगातार बारिश के बीच देश के अलग-अलग हिस्सों से बाढ़, जलभराव और भूस्खलन की तस्वीरें भी सामने आ रही हैं। गुजरात के नवसारी जिले के वांसदा तालुका में 23 और 24 जुलाई की बाढ़ के दस दिन बाद भी तबाही के निशान साफ दिखाई दे रहे हैं। कई घर ढह गए, सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं और तेज बहाव में पक्के तथा कच्चे मकान बह गए। इस आपदा में करीब 21 लोगों की मौत हुई थी और चंपावाड़ी व नवताड समेत कई गांवों में हालात अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं।
सूरत के गोड़ादरा इलाके में बारिश के दौरान सड़क पर बने गहरे गड्ढे में गिरने से मोटरसाइकिल सवार संदीप यादव की मौत हो गई। वहीं वडोदरा ग्रामीण के असोज गांव में उफनती विश्वामित्री नदी और मगरमच्छों के बीच फंसी एक भैंस को सुरक्षित निकालने के लिए जोखिम भरा रेस्क्यू अभियान चलाया गया।
उत्तराखंड के विकासनगर में कालसी तहसील के जोहड़ी इलाके में अचानक आए तेज बहाव ने सड़क को पूरी तरह ढक लिया, जिससे कई वाहन मलबे और पानी में फंस गए। इसी दौरान एक कार चालक ने उफनते नाले को पार करने की कोशिश कर अपनी जान जोखिम में डाल दी।
राजस्थान में सावन के पांचवें दिन मंगलवार शाम से शुरू हुई मूसलाधार बारिश लगातार जारी है। हनुमानगढ़ जंक्शन में भारी बारिश के कारण एक कार अंडरपास में डूब गई। अलवर के सिलीसेढ़ इलाके में इस सीजन में पहली बार गरवा जी झरने में तेज बहाव देखने को मिला, जिसे देखने बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पर्यटक पहुंचे।
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