'BJP में सीएम सिर्फ ‘कूरियर-मैसेंजर’, ऊपर से आती है पर्ची', मंत्रिमंडल विस्तार पर अखिलेश यादव का तंज
अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि वैसे भी मंत्रिमंडल के विस्तार में तो इनका कोई काम है नहीं। उधर से पर्ची आएगी, यहां तो सिर्फ पढ़ी जाएगी। बीजेपी राज में वैसे भी सीएम का मतलब बस यही रह गया है: 'कूरियर मैसेंजर।'

उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल विस्तार के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी राज में मुख्यमंत्री की भूमिका सिर्फ 'कूरियर-मैसेंजर' तक सीमित होकर रह गई है और मंत्रिमंडल विस्तार में उनका कोई वास्तविक योगदान नहीं होता।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा कि समय बिताने के लिए करना है कुछ काम। उन्होंने आगे लिखा कि वैसे भी मंत्रिमंडल के विस्तार में तो इनका कोई काम है नहीं। उधर से पर्ची आएगी, यहां तो सिर्फ पढ़ी जाएगी। बीजेपी राज में वैसे भी सीएम का मतलब बस यही रह गया है: 'कूरियर मैसेंजर।'
उन्होंने आगे कहा कि वैसे जनता पूछ रही है कि फिल्म सबसे आगे बैठकर देखेंगे या पीछे बैठकर? जनता का अनुरोध है कि फिल्म ध्यान से देखिएगा… हो सकता है ‘कर्मफल-कंसफल’ का सिद्धांत समझकर कुछ जागरण हो जाए और कुछ अच्छा बदलाव भी। उन्होंने कहा कि हम तो यही मानते हैं कि मूलरूप से व्यक्ति नहीं उसका ‘लालच-लोभ’ ही बुरा होता है, जो धीरे-धीरे उसका दुराचरण बन जाता है। बुराई इंसान को और बुरा बनाती जाती है।
सपा मुखिया ने आगे कहा कि इसके विपरीत ये भी सच है कि जब व्यक्ति ‘स्वार्थ’ को छोड़कर ‘परमार्थ’ के मार्ग पर चल निकलता है तो सकारात्मक परिवर्तन आ सकता है, वो मानवता के लिए सार्थक साबित हो सकता है। अपने अंदर की सौ बुराइयों के ऊपर चंद अच्छाइयां जीत हासिल कर सकती हैं, यही महाकाव्यों का गहरा आंतरिक संदेश है। अपनी गलतियों और दुर्भावनाओं के लिए प्रायश्चित करने का कोई स्थान नियत नहीं होता है, इसके लिए अंदर का प्रकाश चाहिए जो सैकड़ों लोगों के बीच ‘अंधेरे बंद परिसर’ में भी हो सकता है।
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