तवांग झड़प पर राजनाथ के बयान को चिदंबरम ने बताया खोखला, पूछा- इस पर क्यों नहीं बोलते PM मोदी? सदन में बहस की रखी मांग

तवांग झड़प को लेकर पी चिदंबरम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे चीन का नाम लेने से भी डरते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार को संसद में चर्चा की अनुमति देनी चाहिए।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

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अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारतीय और चीनी सेना के बीच हुई झड़प को लेकर विपक्ष लगातार मोदी सरकार पर हमला वर है। इस मामले पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संसद में बयान को लेकर अब पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने हमला बोला है। उन्होंने राजनाथ सिंह के इस बयान को खोखला और नीरस बताया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया है कि वे चीन का नाम लेने से भी डरते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार को संसद में चर्चा की अनुमति देनी चाहिए।

अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत के दौरान पी चिदंबरम ने कहा कि वह राजनाथ के बयान से बिल्कुल संतुष्ट नहीं हैं। चिदंबरम ने कहा कि आज सुबह अखबारों में जो छपा, उससे ज्यादा उन्होंने कुछ नहीं कहा। मुझे सुबह 6 बजे समाचार पत्रों से जो जानकारी मिली। रक्षा मंत्री ने दिन में 12.30 बजे उससे अलग और अधिक क्या जानकारी दी है। कोई समाचार पत्रों से भी यह सब पढ़ सकता है। वास्तव में, यह पूरी तरह से नीरस और खोखला बयान था। चिदंबरम ने पूछा संसद के सदस्यों को और क्या जानकारी दी गई है।

“मैं पूछता हूं… ऐसा कैसे होता है कि चीन घुसपैठ की तारीख, समय और जगह चुनता है और ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। 2020 में गलवान में ऐसा ही हुआ था। उसके बाद हर घुसपैठ चीन की पसंद के समय, जगह और तारीख पर हुई है। तो, आप चीन को समय-समय पर ऐसी घुसपैठ करने से रोकने के लिए क्या कर रहे हैं?”


आपको बता दें कि तवांग झड़प पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को लोकसभा में बयान द‍िया था। रक्षा मंत्री स‍िंह ने कहा था कि हमारे किसी सैनिक की मृत्यु नहीं हुई है, न ही कोई गंभीर रूप से घायल हुआ है। उन्होंने कहा, “9 दिसंबर को तवांग सेक्टर के यांग्त्से क्षेत्र में PLA के सैनिकों ने अतिक्रमण किया और यथास्थिति को बदलने का प्रयास किया। इस कोशिश का हमारे सैनिकों ने दृढ़ तरीके से सामना किया। हमारे सैनिकों ने बहादुरी से पीएलए को हमारे क्षेत्र में अतिक्रमण करने से रोका और उन्हें अपनी पोस्ट पर वापस जाने के लिए मजबूर किया।

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