पैंगोंग झील के पास भारत-चीन के सैनिकों में धक्का-मुक्की, दोनों देशों ने इलाके में बढ़ाई सैनिकों की संख्या

इससे पहले भी सीमा पर चीन, भारत को आंखें दिखाता रहा है। 2017 में डोकलाम में भारत और चीन के बीच काफी दिनों तक तनातनी देखी गई थी। 73 दिनतों तक इस इलाके में तनातनी के बाद केंद्र की मोदी सरकार ने दावा किया था कि वहां से चीन ने अपने सैनिकों को हटा लिया है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

भारत-चीन सीमा पर भारतीय सैनिकों को एक बार फिर चीनी सैनिकों ने आंख दिखाई है। खबरों के मुताबिक, बुधवार को पूर्वी लद्दाख में 134 किलोमीटर लंबी पैंगोंग झील के उत्तरी किनारे पर भारतीय सैनिकों का चीनी सैनिकों से सामना हुआ। बताया जा रहा है कि भारतीय सैनिक पेट्रोलिंग पर थे, इसी दौरान उनका सामना चीन के पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी के सैनिकों से हो गया।

खबरों के अनुसार, उस जगह पर भारतीय सैनिकों की मौजूदगी का चीनी सैनिक विरोध करने लगे। बताया जा रहा है कि बहस के बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच काफी देर तक धक्का-मुक्की हुई। खबरों में कहा गया है कि देर शाम तक दोनों देशों के सैनिकों के बीच संघर्ष जारी रहा। इस घटना के बाद दोनों पक्षों ने इलाके में अपने सैनिकों की संख्या बढ़ा दी है। झील के एक तिहाई हिस्से पर चीन का नियंत्रण है।

गौरतलब है कि इससे पहले भी सीमा पर चीन, भारत को आंखें दिखाता रहा है। 2017 में डोकलाम में भारत और चीन के बीच काफी दिनों तक तनातनी देखी गई थी। डोकलाम में 73 दिनों तक चीनी सैनिक अड़े रहे। 73 दिनतों तक इस इलाके में तनातनी के बाद केंद्र की मोदी सरकार ने दावा किया था कि वहां से चीन ने अपने सैनिकों को हटा लिया है।

केंद्र सरकार ने बयान जारी कर कहा था कि दोनों देशों के बीच आपसी बातचीत के बाद डोकलाम में तनाव खत्म हो गया है। हालांकि, उसके बाद भी चीन सैनिक घुसपैठ की कोशिश करते रहे। डोकलाम के मुद्दे को विपक्ष ने मजबूती से उठाया था। साथ ही मोदी सरकार से यह मांग की थी कि चीन को सरकार उचित जवाब दे।

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