मोदी सरकार के काले धन पर लगाम कसने के दावों के बीच स्विस बैंक में 50 फीसदी बढ़ा भारतीयों का पैसा

स्विस बैंकों में जमा भारतीयों का पैसा 4 साल में पहली बार बढ़कर पिछले साल 1 अरब स्विस फ्रैंक यानी 7 हजार करोड़ रुपये हो गया। यह आंकड़ा एक साल पहले की तुलना में 50 फीसदी की बढ़ोतरी को दर्शाता है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

केंद्र की मोदी सरकार भ्रष्टाचार और काला धन पर लगाम कसने के बड़े-बड़े दावे कर रही है। लेकिन स्विस बैंक की ओर से जारी ताजा आंकड़ों ने मोदी सरकार के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्विस बैंक द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक साल में वहां जमा भारतीयों की पूंजी में करीब 50 फीसदी का इजाफा हुआ है।

स्विस बैंकों में जमा भारतीयों का पैसा 4 साल में पहली बार बढ़कर पिछले साल 1 अरब स्विस फ्रैंक यानी 7 हजार करोड़ रुपये हो गया। यह आंकड़ा एक साल पहले की तुलना में 50 फीसदी की बढ़ोतरी को दिखाता है। हैरान करने वाली बात यह है कि यह आंकड़ा तब आया है, जब विदेशों में धन जमा करने वालों के खिलाफ केंद्र सरकार अभियान चलाने का दावा कर रही है।

स्विस बैंक के खातों में रखे भारतीयों के पैसे में 2011 में 12 फीसदी, 2013 में 43 फीसदी, 2017 में 50.2 फीसदी दर्ज की गई। इन आंकड़ों से यह साफ होता है कि मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान स्विस बैंक के खातों में भारतियों के धन में लगातार इजाफा हुआ है। लेकिन मोदी सरकार इन आंकड़ों के उलट काला धन पर लगाम लगाने को लेकर खुद का पीठ थपथपा रही है।

स्विस बैंक के आंकड़ों के अनुसार, जहां उसके खातों में भारीतयों के धन में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, वहीं पाकिस्तानियों के धन में करीब 21 फीसदी की कमी आई है।


स्विस बैंक में भारतीयों के धन में इजाफा होने पर जहां विपक्ष मोदी सरकार पर निशाना साध रहा है। वहीं केंद्र सरकार को बीजेपी के विरष्ठ नेताओं ने घेरना शुरू कर दिया है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने वित्त मंत्रालय में सचिव हसमुख अधिया की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “वित्त सचिव अधिया के लिए एक बड़ी कामयाबी, एक तरफ पूरी दुनिया का स्विस बैंक में जमापूंजी सिर्फ 3 फीसदी बढ़ा है, तो वहीं भारतीयों का 50 फीसदी बढ़ गया है।”

सुब्रमण्यम स्वामी ने आगे लिखा, “अधिया इससे भी ज्यादा मैनेज कर सकते थे, अगर राजेश्वर (ईडी अफसर) बीच में नहीं आते।”

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Published: 29 Jun 2018, 10:03 AM