अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया जनवरी 2017 के बाद सबसे निचले स्तर पर: रिपोर्ट

कर्नाटक चुनाव नतीजों के असर से ऐसा हुआ है क्योंकि जिस तरह के परिणाम आए हैं उससे अनिश्चितता बढ़ी है। इसके अलावा वैश्विक और आंतरिक परिस्थितियों ने भी रुपए के अवमूल्यन की संभावना को बढ़ाया है।

नवजीवन डेस्क

जनवरी 2017 के बाद अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया सबसे निचले स्तर पर आ गया है और मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण 68 के आंकड़े को पार कर गया है। यह भी कहा जा रहा है कि पूरे एशिया में भारतीय रुपए का परफार्मेंस सबसे खराब रहा है।

साभार: ब्लूमबर्ग-क्विंट
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ब्लूमबर्ग-क्विंट की रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक चुनाव नतीजों के असर से ऐसा हुआ है क्योंकि जिस तरह के परिणाम आए हैं उससे अनिश्चितता बढ़ी है। इसके अलावा वैश्विक और आंतरिक परिस्थितियों ने भी रुपए के अवमूल्यन की संभावना को बढ़ाया है। इसमें सबसे बड़ा कारक बढ़ती तेल कीमतें हैं।

साभार: ब्लूमबर्ग-क्विंट
साभार: ब्लूमबर्ग-क्विंट

भारतीय रुपए की इस हालत से यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि उपभोक्ता वस्तुओं की कीमत में भी उछाल आ सकता है।

Published: 16 May 2018, 9:33 AM
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