'शादी में बीजेपी-जेजेपी-संघ नेताओं को बुलाना जनरल डायर को बुलाने जैसा' कार्ड पर नो एंट्री लिखवाने वाले धनखड़ का बयान

राजेश धनखड़ का कहना है कि आंदोलन में हमारे छह सौ से ज्यादा किसान शहीद हो गए। यदि हम इन लोगों को शादी में बुलाते हैं तो इन शहीद किसानों कीआत्मा क्या कहेगी? शादी में इनको बुलाना एक तरह से जनरल डायर को बुलाना है।

फोटो : सोशल मीडिया
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धीरेंद्र अवस्थी

हरियाणा में सत्तारूढ़ बीजेपी-जेजेपी के लिए यह ज्यादा चिंता की बात है। इन दलों के नेता मानते आए थे कि तीन कृषि कानूनों के खिलाफ बीजेपी-जेजपी नेताओं की गांवों में एंट्री बैन की धमकी राजनीतिक कदम भर है और अब जब इन कानूनों की वापसी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा कर दी है, तो उसका असर भी कम हो जाएगा। लेकिन अब हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि लोग शादी के कार्ड में बीजेपी, जेजेपी और संघ के लोगों को विवाह समारोह से दूर रहने का संदेश छपवा रहे हैं। आने वाले दिनों में इसकी रफ्तार बढ़ती जाए, तो आश्चर्य नहीं।

इस तरह शादी में न आने का यह कार्ड छपवाया है झज्जर के रहने वाले विश्ववीर जाट महासभा के अध्यक्ष राजेश धनखड़ ने। राजेश धनखड़ की बेटी की शादी 1 दिसंबर को है। गांव मातनहेल निवासी धनखड़ ने कार्ड पर छपवाया है कि ‘कृपया बीजेपी, जेजेपी और संघ के लोग इस शादी से दूर रहें।’ राजेश धनखड़ का कहना है कि आंदोलन में हमारे छह सौ से ज्यादा किसान शहीद हो गए। यदि हम इन लोगों को शादी में बुलाते हैं तो इन शहीद किसानों कीआत्मा क्या कहेगी? किसानों की शहादत को वह हत्या करार देते हुए कहते हैं कि इसकी जिम्मेदार केन्द्र और राज्य की बीजेपी-जेजेपी सरकारें हैं। शादी में इनको बुलाना एक तरह से जनरल डायर को बुलाना है।

हरियाणा की सामाजिक व्यवस्था की रीढ़ खाप पंचायतों ने बीजेपी-जेजेपी नेताओं के बहिष्कार के फरमान किसान आंदोलन के बीच एक के बाद एक कई बार सुनाए थे। दरअसल, किसान आंदोलन को कुचलने के लिए अपनाए गए सरकार के हर हथकंडे के साथ लोगों में आक्रोश बढ़ता गया। चरखी दादरी में फौगाट खाप के बलवंत सिंह फौगाट ने तो ऐलान कर दिया था कि गांवों के अड्डों पर बीजेपी और जेजेपी का कोई नेता आया तो कपड़े फाड़कर उसे भगाया जाएगा।

रोहतक में हुड्डा खाप की पंचायत में खाप प्रधान ओम प्रकाश हुड्डा की अध्यक्षता में फैसला लिया गया था कि जब तक सरकार किसानों की मांगें नहीं मानती, तब तक किसी मंत्री और सत्ताधारी विधायकों को हुड्डा खाप के गांव में नहीं घुसने दिया जाएगा। जींद के सफीदों क्षेत्र से देशवाल खाप के किसानों ने तो बैनर लगा दिया था कि जो नेता किसान आंदोलन का समर्थन करेगा, वही गांवों में घुस पाएगा। सर्वजातीय खेड़ा खाप के प्रधान सतबीर पहलवान बरसोला की अध्यक्षता में जींद में खटकड़ टोल प्लाजा पर 19 खापों की महापंचायत में निर्णय सुना दिया गया कि बीजेपी-जेजेपी नेताओं का हर स्तर पर प्रजातांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा। कोई भी व्यक्ति घरों पर किसी पार्टी का झंडा नहीं लगाएगा। सभी अपने घरों पर तिरंगा और किसानों के झंडे लगाएंगे।


रोहतक में 200 खाप पंचायतों के प्रतिनिधियों ने न सिर्फ बीजेपी और संघ के लोगों को ताकीद की थी बल्कि फैसला लिया था कि वह तन-मन-धन से किसान आंदोलन के साथ मंजिल मिलने तक खड़े रहेंगे। इसमें सांगवान खाप, अहलावत खाप, नांदल खाप, कादियान खाप, दलाल खाप, रोहतक 84 खाप, नरवाल खाप, श्योराण खाप और सोनीपत 360 खाप समेत दो सौ खापों की भागीदारी थी। सांगवान खाप के मुखिया और चरखी दादरी से निर्दलीय विधायक सोमबीर सांगवान के आह्वान पर रोहतक में यह खाप पंचायतों की बैठक बुलाई गई थी। सोमबीर सांगवान का कहना है कि वह आज भी किसानों के साथ पूरे दमखम के साथ खड़े हैं।

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