ईरानी टीम पाकिस्तान पहुंची, अमेरिका के साथ आज होगी शांति वार्ता, गालिबाफ ने शेयर की मार्मिक तस्वीर
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध रोकने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच आज इस्लामाबाद में शांति वार्ता होगी। इसमें हिस्सा लेने के लिए ईरान का प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंच गया है। वहीं अमेरिकी टीम भी उपराष्ट्रपति जे डी वेंस की अगुवाई में पहुंचने वाली है।

अमेरिका के साथ शांति वार्ता के लिए ईरान का प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंच गया है। ईरानी मीडिया के अनुसार, ईरानी टीम संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ के नेतृत्व में इस्लामाबाद पहुंचा है। इस प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ राजनीतिक, सैन्य और आर्थिक अधिकारी शामिल हैं, जिनमें ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची, पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रजा अमीरी मुकद्दम, ईरान की सुप्रीम सुरक्षा परिषद के सदस्य अली अकबर अहमदैन, उपसचिव अली बाकर गानी, केंद्रीय बैंक के गवर्नर और संसद के कई सदस्य भी शामिल हैं।
इस्लामाबाद पहुंचने से पहले ईरानी प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कर रहे ईरानी संसद के स्पीकर एम बी गालिबाफ ने अपनी फ्लाइट से एक फोटो शेयर की है। इस फोटो में वह हवाई जहाज़ की सीटों पर लगी उन बच्चियों की तस्वीरों के सामने खड़े हुए हैं, जो मिनाब में अमेरिकी-इजरायली हमलों में मारी गई थीं। उन्होंने इसके साथ लिखा है, 'मेरी हमसफर....'
ईरान पहुंचने पर पाकिस्तान के सेना प्रमुख ब्रिगेडियर आसिम मुनीर और अन्य पाकिस्तानी अधिकारियों ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। इस वार्ता में पाकिस्तान की तरफ से सेना प्रमुख आसिम मुनीर, प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ, रक्षा मंत्री इशाक डार और पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार आसिम मलिक के शामिल होने की संभावना है। इस बीच ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक लेबनान में सीजफायर लागू नहीं होता और उसके फ्रीज किए गए अरबों डॉलर जारी नहीं किए जाते, तब तक अमेरिका के साथ बातचीत शुरू नहीं होगी।
दूसरी तरफ अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी डेलिगेशन के साथ आज इस्लामाबाद पहुंचेंगे। अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली इस अहम बैठक पर दुनियाभर की नजर बनी हुई है।
अस्थायी युद्धविराम और दोनों पक्षों के बीच बने अविश्वास के माहौल में ईरान ने बार-बार जोर दिया है कि औपचारिक बातचीत शुरू होने से पहले कुछ शर्तों को पूरा करना जरूरी है। इनमें क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक प्रतिबंधों से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। यह दर्शाता है कि बातचीत में शामिल होने के बावजूद ईरान का रुख सख्त बना हुआ है।
उधर अब लेबनान और इजरायल ने भी सहमति जताई है कि वे मंगलवार को अमेरिकी विदेश विभाग की में पहली बैठक करेंगे। इस बैठक में युद्धविराम की घोषणा और औपचारिक वार्ता पर चर्चा होगी।
इस्लामाबाद शांति वार्ता में अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति जे डी वैंस, अमेरिकी सैन्य अधिकारी ब्रैड कूपर, वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर और विशेष प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ शामिल होंगे।
ईरान की न्यूज एजेंसी तसनीम के मुताबिक, इस्लामाबाद में ईरान का प्रतिनिधिमंडल (डेलीगेशन) कुल 71 लोगों का है। इस टीम में सिर्फ बातचीत करने वाले लोग ही नहीं, बल्कि एक्सपर्ट सलाहकार, मीडिया प्रतिनिधि, डिप्लोमैट और सुरक्षा से जुड़े अधिकारी भी शामिल हैं।।
अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता के मुद्दे
ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम- अमेरिका का कहना है कि ईरान में कोई संवर्धन नहीं होगा। ईरान को अपना सारा हाई-लेवल इनरिच्ड यूरेनियम बाहर करना होगा और न्यूक्लियर फैसिलिटीज बंद या सीमित करनी होंगी।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज- दुनिया का बहुत सारा तेल और गैस इसी रास्ते से गुजरता है। ईरान अभी भी इसका नियंत्रण रखना चाहता है और टोल (फीस) लेने की बात कर रहा है। वहीं, अमेरिका चाहता है कि रास्ता पूरी तरह खुला और सुरक्षित हो, बिना किसी रुकावट या फीस के।
बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम- अमेरिका ईरान की लंबी दूरी की मिसाइलों पर रोक लगाना चाहता है।
सैंक्शंस हटाना- ईरान चाहता है कि सभी अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध तुरंत हटा दिए जाएं, फ्रोजन एसेट्स वापस मिलें और मुआवजा भी मिले।
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