क्या तिरुपति मंदिर में हुई चंदा चोरी? डिप्टी EO के यहां छापा, 2 किलो सोना और करोड़ों की संपत्ति का खुलासा
तिरुपति में TTD डिप्टी EO मेंडु लोकनाथम के घर-ऑफिस समेत चार ठिकानों पर छापेमारी में 2 किलो सोना, 6.5 किलो चांदी और 12.5 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं।

तिरुपति मंदिर में आने वाले चढ़ावे और दान की रकम को लेकर अब एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। वजह है तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के डिप्टी एग्जीक्यूटिव ऑफिसर मेंडु लोकनाथम के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला और उनके घर-ऑफिस समेत चार जगहों पर हुई ACB की तलाशी। कार्रवाई में 2 किलो सोना, 6.5 किलो चांदी, 12.5 लाख रुपये नकद, चार फिक्स्ड डिपॉजिट और प्रॉपर्टी के दस्तावेज मिले हैं। ACB ने इन संपत्तियों की शुरुआती कीमत करीब 5 करोड़ रुपये बताई है, जो बुक वैल्यू के आधार पर है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या मंदिर की व्यवस्था से जुड़े पैसों को लेकर भी किसी तरह की गड़बड़ी हुई है? क्या तिरुपति मंदिर में चंदा चोरी हुई है? हालांकि, फिलहाल ACB का मामला आय से अधिक संपत्ति से जुड़ा है।
CBI की जानकारी के बाद ACB की बड़ी कार्रवाई
आंध्र प्रदेश एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बुधवार को तिरुपति में मेंडु लोकनाथम के घर और ऑफिस पर तलाशी ली। उनके रिश्तेदारों से जुड़े ठिकानों पर भी एक साथ कार्रवाई की गई। ACB डीएसपी श्रीनिवास राव की अगुवाई में सात टीमों ने बुधवार सुबह करीब 6 बजे तलाशी शुरू की। अधिकारी जब तलाशी के लिए लोकनाथम के घर पहुंचे, तब वह वहीं मौजूद थे। यह कार्रवाई तिरुपति लड्डू में मिलावट के मामले की जांच और चार्जशीट दाखिल करने के बाद CBI से मिली जानकारी के आधार पर की गई। CBI ने TTD के कुछ कर्मचारियों की संपत्ति से जुड़ी जानकारी ACB को दी थी।
तलाशी के दौरान ACB को 2 किलो सोना और 6.5 किलो चांदी मिली। इसके अलावा 12.5 लाख रुपये नकद, चार फिक्स्ड डिपॉजिट और प्रॉपर्टी से जुड़े कागजात भी जब्त किए गए। ACB के मुताबिक, जब्त संपत्तियों की शुरुआती कीमत करीब 5 करोड़ रुपये है। एजेंसी ने यह कीमत बुक वैल्यू के आधार पर बताई है। इन बरामदगियों के बाद लोकनाथम के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में कार्रवाई की गई है।
मंदिर में कई पदों पर रह चुके हैं लोकनाथम
मेंडु लोकनाथम फिलहाल श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में मंदिर डिप्टी EO के तौर पर काम कर रहे हैं। इससे पहले वह TTD में कई पदों पर रह चुके हैं। यही वजह है कि उनके खिलाफ हुई ACB की कार्रवाई तिरुपति मंदिर की व्यवस्था और वहां काम करने वाले अधिकारियों की संपत्ति को लेकर भी सवाल खड़े करती है।
एक दशक में यह दूसरी बार है जब ACB ने किसी TTD अधिकारी से जुड़े ठिकानों पर तलाशी ली है। इससे पहले 2016 में एजेंसी ने TTD के तत्कालीन डिप्टी एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर टी. भूपति रेड्डी के घर पर तलाशी ली थी। उस समय तिरुपति और बेंगलुरु में उनके रिश्तेदारों और करीबी सहयोगियों के घरों पर भी एक साथ छापे मारे गए थे। यह कार्रवाई इस आरोप के आधार पर की गई थी कि आरोपी के पास उसकी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं ज्यादा संपत्ति थी। अब लोकनाथम के खिलाफ हुई कार्रवाई से एक बार फिर TTD के अधिकारियों की संपत्ति और मंदिर की वित्तीय व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
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