जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश, पुंछ में फ्लैश फ्लड से 10 की मौत, चंबा में भूस्खलन ने बढ़ाई मुश्किलें

जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के बाद पुंछ में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन से 10 लोगों की मौत हुई। हिमाचल के चंबा में भी भारी भूस्खलन के बाद राहत कार्य जारी है।

फोटो: सोशल मीडिया
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जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। पुंछ जिले में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। सबसे ज्यादा असर सुरनकोट इलाके में देखा गया, जहां एक ही परिवार के छह सदस्यों समेत नौ लोगों की जान चली गई, जबकि हवेली क्षेत्र में एक व्यक्ति की मौत हुई। कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं और राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। उधर, हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में भारी भूस्खलन से अहम सड़क मार्ग बंद हो गया है।

पुंछ के सुरनकोट में सबसे ज्यादा तबाही, कई लोग अब भी लापता

लगातार बारिश के कारण पुंछ जिले में कई इलाकों में अचानक बाढ़ आ गई। सबसे ज्यादा नुकसान सुरनकोट क्षेत्र में हुआ, जहां एक ही परिवार के छह सदस्यों सहित नौ लोगों की मौत हो गई। हवेली इलाके में भी एक व्यक्ति की जान चली गई और कम से कम सात घर क्षतिग्रस्त हो गए। मंडी क्षेत्र में भी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन के अनुसार कई इलाकों से लोगों के लापता होने की सूचना है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है। निचले इलाकों में जलभराव के कारण सड़कें डूब गई हैं और कई घरों को नुकसान पहुंचा है।


SDRF-NDRF का रेस्क्यू जारी, हेलीकॉप्टर और नावों की मदद से तलाश

आपदा प्रभावित इलाकों में SDRF, NDRF और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए नावों और हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। घायलों का इलाज कराया जा रहा है, जबकि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और राहत शिविरों में भोजन, दवाइयों तथा अन्य जरूरी सामान की व्यवस्था की जा रही है।

चंबा में पहाड़ गिरने से अहम सड़क बंद, पर्यटकों के लिए भी परेशानी

भारी बारिश का असर हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में भी देखने को मिला। भटियात क्षेत्र में लाहडू-सिंहुंता सड़क मार्ग पर भारी भूस्खलन के कारण पूरा पहाड़ सड़क पर आ गिरा, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। राहत की बात यह रही कि घटना के समय वहां कोई वाहन या राहगीर मौजूद नहीं था। यह मार्ग धर्मशाला, चंबा और डलहौजी के बीच आवाजाही के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। मौसम विभाग पहले ही भारी बारिश की चेतावनी जारी कर चुका था और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा अभी भी बना हुआ है।


अगले कुछ दिन भी भारी बारिश का अलर्ट

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से फोन पर बात कर हालात की जानकारी ली। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिया और कहा कि केंद्रीय एजेंसियां राज्य सरकार के साथ मिलकर राहत कार्य में लगी हुई हैं।

इधर, मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई इलाकों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश, फ्लैश फ्लड और भूस्खलन का खतरा जारी रहने की चेतावनी दी है। चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी समेत कई जिलों में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने तथा नदी-नालों और पहाड़ी ढलानों से दूर रहने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में बदलते मौसम के पैटर्न और अत्यधिक वर्षा की घटनाएं ऐसे प्राकृतिक हादसों का जोखिम लगातार बढ़ा रही हैं।

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