यूपी समेत चुनावी राज्यों में JDU बढ़ाएगी BJP की मुश्किलें, NDA में नहीं मिली हिस्सेदारी तो अकेले उतरने का ऐलान

ललन सिंह ने कहा कि आगे आने वाले समय में जिन राज्यों में चुनाव होने जा रहे हैं वहां पार्टी की पहली कोशिश है कि एनडीए के गठबंधन में ही चुनाव लड़े। यदि ऐसा नहीं होता है तो जनता दल यूनाइटेड की पूरी तैयारी है कि वह अकेले ही चुनाव लड़ेगी।

फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

बिहार में बीजेपी के साथ मिलकर सरकार चला रही नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू चाहती है कि जिन राज्यों में चुनाव हैं वहां वह एनडीए गठबंधन में ही रहकर चुनाव लड़े। हालांकि ऐसा न होने पर जेडीयू अकेले ही चुनाव लड़ने के लिए भी तैयार है। खासकर मणिपुर और उत्तर प्रदेश में। जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष लल्लन सिंह का कहना है कि पार्टी वहां मजबूत है और पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगी।

जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा कि जनता दल यूनाइटेड संगठन के विस्तार और उसकी मजबूती के लिए बिहार के बाहर भी देश के अलग-अलग राज्यों में काम कर रही है। पार्टी की राष्ट्रीय परिषद और राष्ट्रीय कार्यकारिणी में इस पर चर्चा भी हुई है। इस क्रम में पार्टी अध्यक्ष ने विभिन्न राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों के साथ बैठक की है। कश्मीर का दौरा भी किया गया और वहां गंभीर विमर्श किया गया है।

ललन सिंह ने बताया कि पार्टी ने उत्तर पूर्वी राज्यों में संगठन को मजबूती देने के लिए नॉर्थ ईस्ट एग्जीक्यूटिव काउंसिल का पुनर्गठन किया है। इसके अलावा झारखंड विधानसभा के पूर्व सदस्य खीरू महतो को राज्य का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं गुलाब महतो को झारखंड का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वह झारखंड में विस्थापितों को संगठित करने की जिम्मेदारी भी निभाएंगे। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण कुमार को झारखंड का प्रभारी नियुक्त किया गया है।

ललन सिंह ने कहा कि आगे आने वाले समय में जिन राज्यों में चुनाव होने जा रहे हैं वहां पार्टी की पहली कोशिश है कि एनडीए के गठबंधन में ही चुनाव लड़े। यदि ऐसा नहीं होता है तो जनता दल यूनाइटेड की पूरी तैयारी है कि वह अकेले ही चुनाव लड़ेगी। खासकर मणिपुर और उत्तर प्रदेश में। लल्लन सिंह का कहना है कि पार्टी वहां मजबूत है और पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगी।


इसके अलावा ललन सिंह ने बताया कि हरियाणा के जींद में 25 सितंबर को पूर्व उप प्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल की जयंती पर आयोजित की जा रही रैली में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शामिल नहीं होंगे। हालांकि इस रैली में नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड का प्रतिनिधित्व होगा। पार्टी के महासचिव केसी त्यागी इस रैली में शामिल होंगे।

पूर्व उप प्रधानमंत्री देवीलाल की जयंती के मौके पर 25 सितंबर की इस रैली में नीतीश कुमार, समेत बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा, शरद पवार और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल सहित देश के कई विपक्षी नेताओं को न्यौता भेजा गया है।

मंगलवार को दिल्ली में ललन सिंह ने कहा कि चौधरी देवीलाल से नीतीश कुमार का अटूट संबंध है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वर्गीय चौधरी देवीलाल के साथ मिलकर काम किया है। बिहार के कुछ हिस्सों में बाढ़ और कोरोना की तैयारियों के मद्देनजर मुख्यमंत्री फिलहाल इस रैली में शामिल नहीं होंगे।

ललन सिंह ने कहा कि इस रैली में जनता दल यूनाइटेड की ओर से पार्टी महासचिव केसी त्यागी शामिल होंगे। रैली के माध्यम से तीसरे मोर्चे के गठन को लेकर लल्लन सिंह ने कहा कि हम 25 सिंतबर को जींद में हो रही रैली को किसी मोर्चे से जोड़कर नहीं देख रहे हैं। हम यह मानते हैं यह आयोजन पूर्व उप प्रधानमंत्री देवीलाल की स्मृति में आयोजित किया जा रहा है। लल्लन सिंह ने यह भी दोहराया कि जनता दल यूनाइटेड एनडीए का एक मजबूत घटक दल है।

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