झारखंडः स्याही फेंके जाने पर नेहा ने बीजेपी-आरएसएस को घेरा, पूछा- क्या केंद्र के इशारे पर हमला किया गया?
नेहा बोरा ने आरोप लगाया कि युवक आरएसएस का सदस्य और बीजेपी समर्थक है। उन्होंने पुलिस से युवक की पहचान और उसके राजनीतिक-संगठनात्मक संबंधों की जांच कर सार्वजनिक करने की मांग की।

जेपीएससी समेत भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ रांची में छात्रों के विधानसभा मार्च के दौरान आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंके जाने का मामला सामने आया है। नेहा बोरा ने बीजेपी-आरएसएस पर छात्र आंदोलन को दबाने का आरोप लगाते हुए पूछा कि क्या केंद्र के इशारे पर ये हमला हुआ
झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी समेत भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ निकाले गए छात्रों के विधानसभा मार्च के दौरान आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंके जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के बाद नेहा बोरा ने बीजेपी और आरएसएस पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि क्या केंद्र के इशारे पर छात्र आंदोलन को दबाने के लिए उन पर यह हमला कराया गया?
मार्च के दौरान युवक ने फेंकी स्याही
रांची में शुक्रवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और इंकलाबी नौजवान सभा (इंनौस) की ओर से जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ संयुक्त मार्च निकाला गया था। मार्च का नेतृत्व नेहा बोरा कर रही थी। पुरानी विधानसभा से करमटोली स्कूल के पास पहुंचने के दौरान एक युवक ने पीछे से उनके चेहरे, बाल और कपड़ों पर स्याही फेंक दी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि स्याही फेंकने के आरोपी व्यक्ति को हिरासत में ले लिया गया है।
प्रधान का इस्तीफा करवाया, इसलिए आंदोलन पर हमला
घटना के बाद नेहा बोरा ने भाकपा-माले के एक विधायक आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि इस तरह की घटनाओं से वह डरने वाली नहीं हैं और छात्र-युवा आंदोलन इससे कमजोर नहीं होगा। नेहा बोरा ने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन को दबाने के लिए बीजेपी और आरएसएस परोक्ष राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्र-युवा इन घटनाओं को भूलने वाले नहीं हैं।

छात्र आंदोलन नफरत की राजनीति का जवाब देगा
उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा दिलवाने वाले छात्र आंदोलन को कमजोर करने के लिए इस तरह के हमले कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब छात्र-युवा आंदोलन के दौरान आंसू गैस और पैलेट गन का सामना कर चुका है, तो स्याही फेंकने जैसी घटनाओं से आंदोलन को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन नफरत की राजनीति का जवाब देगा। नेहा ने कहा कि छात्र-युवा आंदोलन में आइसा की भागीदारी लगातार जारी रहेगी। उन्होंने 10 अगस्त को होने वाले छात्र आंदोलन को भी अपना सक्रिय समर्थन देने की बात कही।

स्याही फेंकने वाला युवक आरएसएस का सदस्य?
नेहा बोरा ने दावा किया कि उनके ऊपर स्याही फेंकने वाला युवक अमरनाथ पांडे है। उनके मुताबिक, युवक हजारीबाग का रहने वाला है और विनोबा भावे विश्वविद्यालय में हिंदी ऑनर्स की पढ़ाई कर रहा है। नेहा ने आरोप लगाया कि युवक आरएसएस का सदस्य और बीजेपी समर्थक है। उन्होंने पुलिस से युवक की पहचान और उसके राजनीतिक-संगठनात्मक संबंधों की जांच कर सार्वजनिक करने की मांग की।
माले नेताओं ने पूर्व नियोजित हमला बताया
प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाकपा-माले के पूर्व विधायक विनोद सिंह, विधायक अरूप चटर्जी और सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो ने भी घटना को लेकर बीजेपी और आरएसएस पर निशाना साधा। माले नेताओं ने आरोप लगाया कि नेहा बोरा पर हमला पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा था। उनका दावा था कि नेहा के झारखंड आने से पहले से ही उन्हें धमकियां दी जा रही थीं। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।
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