झारखंड में SIR के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी, 43.62 लाख नाम कटे, पात्र मतदाता 4 सितंबर तक जुड़वा सकेंगे नाम
आयोग ने कहा कि जिन पात्र मतदाताओं का नाम 2026 की मतदाता सूची में था, लेकिन किसी कारण से उनका नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं आया है, वे 5 अगस्त से 4 सितंबर तक घोषणा-पत्र के साथ फॉर्म-6 भरकर अपना नाम फिर से जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत गणना का काम पूरा होने के बाद निर्वाचन आयोग ने बुधवार को मसौदा मतदाता सूची जारी कर दी, जिसमें पूर्व की वोटर लिस्ट में शामिल करीब 43.62 लाख से अधिक लोगों के नाम हटा दिए गए हैं। हालांकि, आयोग का कहना है कि पात्र मतदाता 4 सितंबर तक अपना नाम फिर से जुड़वा सकते हैं। राज्य में 7 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
पहले 2.64 करोड़ मतदाता थे, अब 2.21 करोड़
झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि राज्य में एसआईआर के तहत गणना का काम शुरू होने से पहले 2.64 करोड़ मतदाता थे। उन्होंने कहा कि गिनती का काम पूरा होने के बाद मसौदा मतदाता सूची में 2.21 करोड़ मतदाता शामिल हैं। कुमार ने कहा, ‘‘29 जुलाई तक कुल 2,64,63,236 मतदाताओं में से 2,21,01,249 (83.51 प्रतिशत) मतदाताओं ने अपने गणना प्रपत्र जमा करा दिए, जो एसआईआर के गणना वाले चरण में लोगों की अच्छी भागीदारी दिखाता है।’’
4 सितंबर तक नाम फिर से जुड़वा सकते हैं
हटाए गए नामों में मृत, डुप्लीकेट, स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर जा चुके, अनुपस्थित और गणना फॉर्म पर हस्ताक्षर नहीं करने वाले मतदाता शामिल हैं। भारत निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह अंतिम सूची नहीं है। जिन पात्र मतदाताओं का नाम ड्राफ्ट सूची से छूट गया है, वे 5 अगस्त से 4 सितंबर के बीच आवेदन देकर अपना नाम फिर से जुड़वा सकते हैं।
निर्वाचन आयोग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, राज्य में 30 जून से 29 जुलाई तक विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान राज्य के कुल 2 करोड़ 64 लाख 63 हजार 236 मतदाताओं में से 2 करोड़ 21 लाख 1 हजार 249 यानी 83.51 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने गणना फॉर्म जमा किए। बीएलओ ने घर-घर जाकर फॉर्म एकत्र किए, जबकि ऑनलाइन जमा किए गए फॉर्म भी इसमें शामिल किए गए।
कई कारणों से हटा लोगों का नाम
आयोग के अनुसार, पूर्व की मतदाता सूची में 43 लाख 61 हजार 987 लोग ऐसे हैं, जिनके नाम इस ड्राफ्ट सूची में नहीं शामिल किए गए हैं। इनमें डुप्लीकेट नाम वाले 4 लाख 38 हजार 596 लोग हैं। 7 लाख 63 हजार 903 ऐसे लोगों के नाम हटाए गए हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है। 15 लाख 92 हजार 194 मतदाता ऐसे पाए गए, जो स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर जा चुके हैं। 14 लाख 50 हजार 810 ऐसे मतदाताओं के नाम भी इस ड्राफ्ट सूची में नहीं शामिल है, जिनके बारे में पता नहीं चल सका। 1 लाख 16 हजार 484 ऐसे लोगों के नाम भी ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं शामिल हैं, जिन्होंने गणना फॉर्म पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया।
आयोग ने कहा कि जिन पात्र मतदाताओं का नाम वर्ष 2026 की मतदाता सूची में था, लेकिन किसी कारण से उनका गणना फॉर्म जमा नहीं हो सका, उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। वे 5 अगस्त से 4 सितंबर तक घोषणा-पत्र के साथ फॉर्म-6 भरकर अपना नाम फिर से जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
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7 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी
मतदाता अपना नाम मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की वेबसाइट, वोटर्स पोर्टल, ईसीआईनेट मोबाइल ऐप या अपने मतदान केंद्र पर जाकर ड्राफ्ट मतदाता सूची में देख सकते हैं। ड्राफ्ट सूची के साथ एएसडीडी सूची भी जारी की गई है, जिसमें उन लोगों के नाम और कारण दर्ज हैं जिन्हें मृत, डुप्लिकेट, स्थायी रूप से स्थानांतरित या अनुपस्थित श्रेणी में रखा गया है।
आयोग ने कहा कि मतदाताओं की सुविधा के लिए राज्य में 2,389 नए मतदान केंद्र भी बनाए गए हैं। इसके बाद मतदान केंद्रों की संख्या बढ़कर 31,892 हो गई है। निर्वाचन आयोग ने दोहराया कि ड्राफ्ट सूची से किसी भी व्यक्ति का नाम अंतिम रूप से नहीं हटाया गया है। किसी भी नाम को हटाने से पहले संबंधित व्यक्ति को नोटिस दिया जाएगा, उसकी बात सुनी जाएगी और नियमानुसार फैसला लिया जाएगा। दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 7 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
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