JNU हमला: नाराज प्रोफेसर चंद्रशेखर का मोदी सरकार की समिति से इस्तीफा, कहा- ऐसे हालात में नहीं कर सकता काम

जेएनयू में हुई हिंसा से परेशान प्रोफेसर सीपी चंद्रशेखर ने सरकार द्वारा आर्थिक सांख्यिकी आंकड़ों के संबंध में गठित समिति से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसी सरकार के साथ काम करना मुश्किल है जिस पर सेआपका विश्वास उठ चुका है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

सीपी चंद्रशेखर ने खुद को मोदी सरकार की कमेटी से अलग कर लिया है। भारत के आर्थिक डाटा पर कमेटी की आज पहली समीक्षा बैठक होने वाली थी, लेकिन इस बैठक से पहले ही प्रोफेसर सीपी चंद्रशेखर कमेटी से इस्तीफा दे दिया है। बता दें कि पिछले महीने ही सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने इकोनॉमिक स्टैटिस्टिक्स पर स्टैंडिंग कमेटी का गठन किया था।

चंद्रशेखर ने मौजूदा हालात पर चिंता जाहिर कर कहा कि मोदी सरकार के साथ काम करना मुश्किल है, जिससे आपका विश्वास उठ चुका हो। चंद्रशेखर ने आगे कहा, “मेरा मानना है कि मौजूदा सरकार सांख्यिकी ढ़ाचे की विश्वसनीयता बनाए रखने को लेकर गंभीर नहीं है। रविवार को जेएनयू में हुए हमले के बाद सरकार में विश्वास और कम हुआ है। ऐसा लगता है कि हम किसी दूसरी दुनिया आ गए हैं और ऐसी सरकार के साथ काम करना मुश्किल है जिस पर से आपका विश्वास उठ चुका है।”

चंद्रशेखर ने इस्तीफा देने के बाद समिति के सभी सदस्यों को लिखे ईमेल में कहा, “मुझे ये बताते हुए खेद है कि जेएनयू में मौजूदा हालात के चलते मैं बैठक में हिस्सा नहीं ले सकता। मेरा मानना है कि मौजूदा हालात में समिति सांख्यिकी प्रणाली की विश्वसनीयता को बहाल करने में सक्षम नहीं रह सकेगी।”

बता दें कि रविवार को जेएनयू में बढ़ी हुई फीस के खिलाफ छात्र प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान कई नकाबपोश उपद्रवी वहा पहुंचे कैंपस में छात्रों और प्रोफेसर के साथ मारपीट की। इतना ही नहीं नकाबपोश उपद्रवियों ने संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया। इस हमले में 34 छात्र घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। हालांकि अब छात्रों को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। वहीं घटना के बाद दो हॉस्टल वार्डन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

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