मोदी के सामने रखे मानवाधिकार, सिविल सोसायटी और प्रेस फ्रीडम के मुद्दे: जो बाइडेन

जो बाइडेन ने कहा है कि उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत में मानवाधिकार, सिविल सोसायटी की भूमिका और प्रेस स्वतंत्रता के मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि किसी भी देश को मजबूत और समृद्ध बनाने के लिए यह बहुत जरूरी मुद्दे हैं।

8 सितंबर को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई थी (फोटो - @narendramodi
8 सितंबर को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई थी (फोटो - @narendramodi
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नवजीवन डेस्क

जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद वियतनाम पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा है कि हमेशा की तरह उन्होंने इस बार भी भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत में मानवाधिकार, सिविल सोसायटी की भूमिका और प्रेस स्वतंत्रता के मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि किसी भी देश को मजबूत और समृद्ध बनाने के लिए यह बहुत जरूरी है।

जो बाइडेन ने यह बातें हनोई में पत्रकारों से बातचीत में कहीं। उन्होंने कहा कि काफी काम हुआ है, लेकिन इन मुद्दों पर चर्चा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के साथ वार्ता में भारत-अमेरिका रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाने की बात हुई।

जो बाइडेन ने शुक्रवार (8 सितंबर) को दिल्ली में पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता की थी। भारत द्वारा जारी संयुक्त प्रेस नोट में बताया गया था कि दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका के बीच रक्षा साझीदारी को मजबूत करने का संकल्प दोहराया।

वियतनाम में पत्रकारों से बातचीत में बाइडेन ने कहा, “जी-20 के आयोजन और मेहमाननवाजी के लिए मैं पीएम मोदी का धन्यवाद देता हूं। मैंने उनके साथ काफी अहम मुद्दों पर बातचीत की है कि जून में उनकी अमेरिका यात्रा के बाद से भारत-अमेरिका रिश्ते कैसे मजबूत होते जा रहे हैं।”

गौरतलब है कि मोदी-बाइडेन द्विपक्षीय वार्ता के बाद व्हाइट हाउस और अमेरिका से राष्ट्रपति के साथ आए पत्रकारों ने जो बाइडेन और मोदी से सवाल पूछने की अनुमति मांगी थी। लेकिन कई बार के आग्रह के बावजूद भारत ने इसकी इजाजत नहीं दी। अमेरिकी न्यूज चैनल सीएनएन ने अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सलीवन के हवाले से कहा कि भारत ने इस तर्क के साथ प्रेस कांफ्रेंस की इजाजत नहीं दी कि यह द्विपक्षीय वार्ता प्रधानमंत्री आवास में हो रही है, और वहां ऐसी किसी प्रेस कांफ्रेंस की परंपरा नहीं है। कहा गया कि यह खालिस द्विपक्षीय यात्रा नहीं है।


इसके बाद भारत ने संयुक्त प्रेस बयान जारी किया था जिसमें मोदी-बाइडेन के बीच हुई बातचीत के बारे में बताया गया था। बयान के मुताबिक दोनों नेताओं ने दोहराया कि दोनों देशों के बीच रिश्तों को मजबूत करने के लिए जरूरी है कि दोनों स्वतंत्रता, लोकतंत्र, मानवाधिकार, समावेश, बहुलता और सभी नागरिकों को समान अवसर देने की अहमियत को समझें।

हनोई में हुई प्रेस कांफ्रेंस में बाइडेन ने भार के साथ हुए ड्रोन समझौते और जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई अन्य बातों का भी  जिक्र किया। उन्होंने कहा कि, “इस मंच में विश्व के सामने मौजूद चुनौतियों से निपटने और उनका समाधान करने का अमेरिकी संकल्प पेश करना महत्वपूर्ण है।”

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