कमलनाथ बोले- पहले ही कृषि कानून वापस लेते तो कई किसानों की जान बच जाती, यह न्याय और सच्चाई की जीत है

मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा कि जिन किसानों को बीजेपी के लोग इन कृषि कानूनों के विरोध करने के कारण कभी कांग्रेस समर्थक , कभी देशद्रोही ,दलाल ,आतंकवादी तक कहते थे ,यह उन लोगों की हार है और यह न्याय और सच्चाई की जीत है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुक्रवार को तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा, पहले कृषि कानून वापस लेते तो कई किसानों की जान बचाई जा सकती थी।

उन्होंने आगे कहा कि पिछले वर्ष सितंबर में संसद में पारित तीन कृषि कानूनों के विरोध में पिछले 1 वर्ष से अधिक समय से देश भर के लाखों किसान भाई सड़कों पर आंदोलन कर रहे थे, सरकार से इन क़ानूनों को वापस लेने की गुहार लगा रहे थे, बारिश, ठंड, भरी गर्मी में भी वह इस कानूनों के विरोध में सड़कों पर डटे रहे।


उन्होंने आगे कहा कि जिन किसानों को बीजेपी के लोग इन कृषि कानूनों के विरोध करने के कारण कभी कांग्रेस समर्थक , कभी देशद्रोही ,दलाल ,आतंकवादी तक कहते थे ,यह उन लोगों की हार है और यह न्याय व सच्चाई की जीत है, किसानों के कड़े संघर्ष की जीत है, जिसने एक अहंकारी और जिद्दी सरकार को झुका दिया।

उन्होंने आगे कहा कि जनता यदि इसी प्रकार बीजेपी को चुनावों में सबक़ सिखाती रही तो उसकी इसी प्रकार जीत होती रहेगी। अब मोदी सरकार को इन क़ानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन के दौरान देश भर में किसानो पर दर्ज मुक़दमे भी वापस लेना चाहिये।

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