करगिल विजय दिवसः जांबाजों के शौर्य को  राष्ट्रपति, पीएम, राहुल और प्रियंका गांधी ने किया नमन

करगिल युद्ध में विजय के 20 साल पूरा होने के अवसर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पीएम मोदी, रक्षा मंत्री और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने अमर जवानों को याद किया। 1999 में आज के ही दिन हमारे जवानों ने अपने शौर्य और बहादुरी का परिचय देते हुए पाकिस्तान के सैनिकों और घुसपैठियों को खदेड़ दिया था।

फोटो: सोशल मीडिया
i
user

नवजीवन डेस्क

google_preferred_badge

करगिल विजय दिवस को शुक्रवार को 20 साल पूरे हो गए हैं। इस मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पीएम मोदी, रक्षा मंत्री और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने अमर जवानों को याद किया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने ट्वीट में कहा, “करगिल विजय दिवस के मौके पर राष्ट्र 1999 में करगिल की ऊंचाइयों पर देश की रक्षा करने वाले सशस्त्र बलों की वीरता को नमन करता है। हम उन लोगों के धैर्य और वीरता को सलाम करते हैं, जिन्होंने भारत की रक्षा की, जो कभी लौटकर नहीं आए, उनका कर्ज देश कभी नहीं चुका पाएगा।”

पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, “करगिल विजय दिवस पर मां भारती के सभी वीर सपूतों को मैं हृदय से वंदन करता हूं। यह दिवस हमें अपने सैनिकों के साहस, शौर्य और समर्पण की याद दिलाता है। इस अवसर पर उन पराक्रमी योद्धाओं को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।”


करगिल विजय दिवस पर राहुल गांधी ने करगिल के शहीदों को नमन किया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “करगिल विजय दिवस पर मैं हमारे उन शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिन्होंने 20 साल पहले कारगिल में देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए थे। मैं उन बहादुर पुरुषों और महिलाओं को सलाम करता हूं जो वर्दी में अनगिनत बलिदान, समर्पण देकर देश को सुरक्षित रखते हैं।”

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने करगिल के शहीदों को नमन किया। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “जो लोग बलिदान और कठिनाई के माध्यम से हमारे झंडे को पकड़ते हैं, जो लोग स्वतंत्रता और हमारी भारत की संप्रभुता के लिए लड़ते हैं और जो भारत के लिए खड़े रहतें है, उन्हें कभी नहीं भुलाया जा सकता है। करगिल में लड़े गए सभी लोगों के लिए हमारा आभार और हमारे लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया।”

बता दें कि पाकिस्तान ने इस जंग की शुरूआत 3 मई 1999 को करते हुए कारगिल की ऊंची पहाड़ियों पर 5,000 सैनिकों के साथ घुसपैठ की थी और वहां कब्जा जमा लिया था। इसके जवाब में भारत ने ऑपरेशन विजय चलाया।

भारत ने 26 जुलाई 1999 को करगिल युद्ध में विजय हासिल की थी। करगिल युद्ध में भारत की जीत के बाद से हर साल 26 जुलाई को कारगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों के सम्मान में करगिल विजय दिवस का आयोजन किया जाता है। भारत और पाकिस्तान के बीच मई और जुलाई 1999 के बीच कश्मीर के करगिल जिले में लगभग 60 दिन तक सशस्त्र संघर्ष हुआ था। इस युद्ध का 26 जुलाई को अंत हुआ था। भारतीय सेना और वायुसेना ने पाकिस्तान के कब्जेवाली जगहों पर जोरदार हमला किया और पाक सेना को सीमा पार लौटने पर विवश कर दिया था।


पाकिस्तानी घुसपैठियों के खिलाफ सेना की ओर से की गई कार्रवाई में भारतीय सेना के 527 जवान शहीद हुए जबकि करीब 1363 घायल हुए थे। इस युद्ध में पाकिस्तान के करीब तीन हजार सैनिक मारे गए थे, मगर पाकिस्तान ने केवल 357 सैनिक मारे जाने की बात ही स्वीकारी है।

इसे भी पढें: करगिल विजय दिवस: आज ही के दिन भारत ने पाकिस्तान को चटाई थी धूल, पढ़िए कब क्या हुआ था

Google न्यूज़नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia


Published: 26 Jul 2019, 2:12 PM