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कर्नाटक सरकार ने दिया येदुरप्पा ऑडियो क्लिप मामले की एसआईटी जांच का आदेश, विधायकों को खरीदने की कोशिश का आरोप

बीते दिनों सामने आए एक स्टिंग ऑपरेशन की सच्चाई का पता लगाने के लिए कर्नाटक के सीएम कुमारस्वामी ने मामले में एसआईटी जांच का ऐलान किया है। मामले के आरोपी बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा ने एक दिन पहले जेडीएस एमएलए के बेटे से मुलाकात करने की बात स्वीकार की थी।

फोटोः सोशल मीडिया

नवजीवन डेस्क

कर्नाटक की राजनीति में हलचल मचाने वाले ऑडियो क्लिप स्टिंग के मामले में बड़ा फैसला लेते हुए राज्य के मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए एसआईटी से जांच कराने का ऐलान किया है। इससे पहले कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष रमेश कुमार ने मामले की सच्चाई का पता लगाने के लिए एसआईटी के गठन का सरकार को सुझाव दिया था। जिसके बाद कुमारस्वामी ने विधानसभा मामले की एसआईटी से जांच कराने की घोषणा की।

बता दें कि इस विवाद में रमेश कुमार का नाम भी घसीटा गया था, जिससे दुखी रमेश कुमार ने मुख्यमंत्री से सच्चाई का पता लगाने के लिए एसआईटी का गठन करने और 15 दिन में राहत दिए जाने की मांग की थी। इस पर सदन के सभी सदस्यों ने एक सुर में कहा कि रमेश कुमार को उनकी ईमानदारी के लिए जाना जाता है और उनके पद की गरिमा की रक्षा की जानी चाहिए। इसके बाद कुमारस्वामी ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ आरोप को लेकर वह भी दुखी हैं और एसआईटी गठित करने के उनके सुझाव को स्वीकार कर रहे हैं।

कांग्रेस ने विधानसभा स्पीकर के सुझाव एसआईटी जांच के सरकार के फैसले का स्वागत किया है। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “यह एक अच्छा संकेत है। उन्होंने एक सही निर्णय लिया है और अब एसआईटी सच्चाई को सामने लाएगी।”

इससे पहले सरकार गिराने की कोशिशों के आरोपों में फंसे राज्य पूर्व सीएम और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा ने एक जेडीएस विधायक के बेटे से मुलाकात की बात मानकर एक तरह से अपने ऊपर लगे आरोपों को स्वीकार कर लिया था। रविवार को हुबली स्थित पार्टी दफ्तर में उन्होंने बड़ा खुलासा करते हुए कहा था, “हां, यह सही है कि 7 फरवरी की रात साढ़े 12 बजे जेडीएस विधायक के बेटे शरनगौड़ा मुझसे मिलने देवदुर्गा स्थित मेरे गेस्टहाउस आए थे। इस दौरान हमने नागनगौड़ा के बीजेपी में शामिल होने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया था। लेकिन शरनगौड़ा को मेरा स्टिंग कराने के लिए भेजकर कुमारस्वामी ने दोयम दर्जे की राजनीति की है।”

हालांकि इससे पहले कुमारस्वामी द्वारा एक प्रेस कांफ्रेंस में स्टिंग जारी करने के बाद येदियुरप्पा ने ऑडियो क्लिप को ‘फर्जी’ करार देते हुए कहा था कि उन्होंने किसी से मुलाकात नहीं की है। कुमारस्वामी आवाज को रिकॉर्ड कराने में माहिर हैं और उनके आरोप बेबुनियाद हैं। साथ ही उन्होंने कहा था कि अगर विधायकों की खरीद-फरोख्त करने का आरोप साबित हो जाता है तो वह अपने पद से इस्तीफा दे देंगे।

गौरतलब है कि बीते शुक्रवार कर्नाटक के सीएम एचडी कुमारास्वामी ने एक ऑडियो टेप जारी कर येदियुरप्पा पर जेडीएस विधायकों को खरीदने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। ऑडियो में कथित तौर पर येदियुरप्पा और शरनगौड़ा की बातचीत है जिसमें वह पैसों और मंत्री पद का लालच देकर जेडीएस विधायक को अपने पाले में लाने की कोशिश कर रहे हैं। आरोपों के अनुसार येदियुरप्पा ने जेडीएस नेता को 25 करोड़ रुपये और इलेक्शन फंड देने का वादा कर बीजेपी में लाने की कोशिश की। कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि येदियुरप्पा बीजेपी हाईकमान के निर्देश पर सरकार गिराने की साजिश कर रहे हैं।

येदियुरप्पा के इस ताजा कबूलनामे के बाद कर्नाटक के पूर्व सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि येदियुरप्पा को तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। क्योंकि, उन्होंने मान लिया है कि ऑडियो टेप में उन्हीं की आवाज है। इसी दौरान दक्षिणी कर्नाटक के कोलार क्षेत्र से जेडीएस विधायक ने भी बीजेपी पर उन्हें 30 करोड़ की पेशकश करने के आरोप लगाए। यही नहीं उक्त विधायक का आरोप है कि बतौर पेशगी उन्हें 5 करोड़ रुपये दिए गए थे, लेकिन उन्होंने इन पैसों को लौटा दिया और कुमारस्वामी को पूरी जानकारी दे दी।

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