बीस माह बाद फिर से खुला करतारपुर कॉरिडोर, सीएम चन्नी के नेतृत्व में पहले जत्थे में कल पूरी पंजाब कैबिनेट जाएगी

करतारपुर गलियारे का उद्घाटन पीएम मोदी ने दो साल पहले 9 नवंबर 2019 को किया था, लेकिन कोरोना महामारी के चलते इस कॉरिडोर को मार्च 2020 में बंद कर दिया गया था, जो अब तक नहीं खुला था। विभिन्न राजनीतिक, धार्मिक, सामाजिक संगठन इसे खोलने की पुरजोर मांग कर रहे थे।

फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

पिछले 20 महीने से बंद श्री करतारपुर साहिब गलियारा बुधवार को श्रद्धालुओं के लिए फिर से खोल दिया गया। मंगलवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने इसकी घोषणा की। श्री करतारपुर साहिब गलियारे का उद्घाटन पीएम मोदी ने दो साल पहले 9 नवंबर, 2019 को किया था, लेकिन कोरोना महामारी के चलते इस कॉरिडोर को मार्च 2020 में बंद कर दिया गया था, जो अब तक नहीं खुला था।

कोरोना महामारी की रफ्तार ढीली पड़ने और हालात सामान्य होने के बाद विभिन्न राजनीतिक, धार्मिक, सामाजिक संगठन और देश-विदेश के लाखों श्रद्धालु इसे खोले जाने की पुरजोर मांग कर रहे थे। पाकिस्तान भी बदस्तूर कह रहा था कि भारत अपनी ओर के प्रवेश द्वार खोले और श्रद्धालुओं को आने दे। गुरु नानक देव जी के जन्मोत्सव के ठीक पहले अब जाकर केंद्र ने इसे खोलने की घोषणा की है।

पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू, शिरोमणि अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की मुखिया बीबी जागीर कौर, आम आदमी पार्टी (आप) के सह राज्य प्रभारी राघव चड्ढा, पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने करतारपुर साहिब गलियारा फिर से खोले जाने का स्वागत किया है। श्रद्धालुओं में तो खुशी की जबरदस्त लहर है ही।

सूबे के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने बताया कि उनका पूरा मंत्रिमंडल 18 नवंबर को श्री करतारपुर साहिब रवाना होने वाले जत्थे में शामिल होगा। उन्होंने कहा कि हमारी प्रार्थना रंग लाई। मैंने प्रधानमंत्री, गृहमंत्री से कई बार गलियारा खोलने की मांग की थी और आखिर इसे खोलने का फैसला लिया गया है। वहीं, एसजीपीसी प्रधान बीबी जागीर कौर के नेतृत्व में कमेटी का एक विशेष जत्था 19 नवंबर को श्री करतारपुर साहिब गुरुद्वारा जाएगा।


जानकारी के मुताबिक श्री करतारपुर साहिब गलियारा खुलने की सूचना मिलते ही पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा साहिब में श्रद्धालुओं के स्वागत की तैयारियां की जा रही हैं। विशेष लंगर तैयार हो रहे हैं और 200 से ज्यादा सेवादार गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब में सेवा में जुट गए हैं। आने वाली संगत के लिए मेडिकल सुविधाओं सहित तमाम जरूरी बंदोबस्त किए जा रहे हैं। पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान अमीर सिंह ने श्री करतारपुर साहिब गलियारा खोले जाने पर खुशी जाहिर की है।

इधर, गलियारा खुलने की खबर मिलते ही भारत-पाक सीमा पर स्थित डेरा बाबा नानक में बने इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट को चाक-चौबंद किया जा रहा है। यहां काम करने वाले मुलाजिमों को फिर से बुला लिया गया है। बीएसएफ की बटालियन- 185 तैनात हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि वेरिफकेशन और दस्तावेजों की जांच का काम शुरू हो गया है। बुधवार से ऑनलाइन पंजीकरण होगा। भारत और पाकिस्तान की सरकारों को श्रद्धालुओं की इस मांग पर विचार करना चाहिए कि श्री करतारपुर साहिब जाने के लिए पासपोर्ट और 20 डॉलर की शर्त को हटाया जाए।

गौरतलब है कि गलियारा खुलने का समय प्रतिदिन सुबह 9:00 बजे से लेकर शाम 6:00 बजे तक का है। उसी दिन सुबह जाना होगा और शाम को वापस लौटना होगा। औपचारिकताओं के लिए एक घंटा पहले पहुंचना होगा। श्रद्धालुओं के पास रजिस्ट्रेशन की कॉपी, 24 घंटे पहले की कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट, पासपोर्ट की स्कैन कॉपी- जिसमें फोटो, पता और पासपोर्ट के अंतिम पेज की स्कैन कॉपी परिवारिक जानकारी सहित होनी चाहिए। आधार कार्ड भी जरूरी है। पासपोर्ट पर न तो कोई मुहर लगेगी और न ही साइन आदि होंगे। श्रद्धालु अपने साथ कोई नुकीली चीज, सब्जी काटने वाला चाकू और लाइटर वगैरह नहीं ले जा सकेंगे।

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