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कठुआ गैंगरेप-हत्या केस में सजा का ऐलान, 6 में से 3 दोषियों को उम्रकैद, बाकियों को 5-5 साल की सजा

जम्मू के कठुआ में 8 साल की बच्ची के साथ गैंगरेप के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। बच्ची अपने घर से 10 जनवरी को लापता हुई थी और उसका शव एक हफ्ते बाद इलाके में मिला था। इस मामले को लेकर देश भर में विरोध-प्रदर्शन हुए थे।

फोटो: सोशल मीडिया 
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नवजीवन डेस्क

कठुआ गैंगरेप और मर्डर केस में पठानकोट अदालत ने सजा का ऐलान कर दिया है। तीन दोषियों को उम्रकैद और बाकी तीन दोषियों को 5-5 पांच साल की सजा सुनाई है। सांजी राम, प्रवेश कुमार और दीपक खजूरिया को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। तीन दोषियों को उम्रकैद के साथ 1-1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

साक्ष्यों को नष्ट करने के लिए पुलिस उपनिरीक्षक आनंद दत्ता, हेड कांस्टेबल तिलक राज और विशेष पुलिस अधिकारी सुरेंद्र वर्मा को 5 वर्ष कैद की सजा सुनाई गयी, साथ ही उनपर 50 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना ना देने की स्थिति में इन्हें छह महीने और जेल में रहना पड़ेगा।

इन आरोपियों को मिली सजा:

  1. सांजी राम-उम्रकैद
  2. दीपक खजूरिया- उम्रकैद
  3. परवेश- उम्र कैद
  4. तिलक राज-पांच साल की सजा
  5. आनंद दत्ता-पांच साल की सजा
  6. सुरेंद्र कुमार-पांच साल की सजा

इससे पहले कठुआ गैंगरेप की सुनवाई करते हुए पठानकोट अदालत ने 6 आरोपियों को दोषी करार दिया।

दोषियों में सांझी राम, दीपक खजूरिया, आनंद दत्‍ता, तिलक राज, सुरेंद्र और प्रवेश का नाम था। मामले में दोषी ठहराए गए 6 आरोपियों में से 4 पुलिसकर्मी थे। सांझी राम ग्राम प्रधान था। दीपक खजूरिया विशेष पुलिस अधिकारी था। तिलक राज हेड कांस्टेबल है और आनंद दत्ता एसआई है। फैसले को देखते हुए अदालत के बाहर सुरक्षा बढ़ाई गई थी। कड़ी सुरक्षा में आरोपियों को अदालत लाया गया था।

वहीं कोर्ट ने विशाल जंगोत्रा को मामले से बरी कर दिया है।

जम्मू के कठुआ में 8 साल की बच्ची के साथ गैंगरेप के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। बच्ची अपने घर से 10 जनवरी को लापता हुई थी और उसका शव एक हफ्ते बाद इलाके में मिला था। इस मामले को लेकर देश भर में विरोध-प्रदर्शन हुए थे।

मासूम बच्ची का शव एक हफ्ते बाद 17 जनवरी को जंगल में मिली थी। मेडिकल रिपोर्ट में पता चला था कि बच्ची के साथ कई बार कई दिनों तक सामूहिक बलात्कार हुआ है और पत्थरों से मारकर उसकी हत्या की गई है। उसके बाद बच्ची के साथ गैंगरेप कर उसकी हत्या पर देशभर में काफी बवाल मचा था।

पुलिस की चार्जशीट मुताबिक, बच्ची को 10 जनवरी 2018 को अगवा कर उसे मंदिर में बंधक रखा गया था। इस दौरान मासूम बच्ची को नशे की हालत आरोपियों ने उसके साथ बार-बार रेप किया था, फिर उसकी हत्या कर दी गई थी। चार्जशीट सामने आने के बाद प्रदेश में तनाव बढ़ गया था।

इस मामले में कठुआ में जब वकीलों ने क्राइम ब्रांच के अफसरों को चार्जशीट नहीं दाखिल करने दी तो सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई राज्य से बाहर करने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एक जून 2018 से इस मामले की दैनिक आधार पर सुनवाई कठुआ से तीस किलोमीटर दूर पड़ोसी राज्य पंजाब के पठानकोट जिले में शुरू हुई।

कोर्ट ने 8 आरोपियों में से 7 के खिलाफ दुष्कर्म और हत्या के आरोप तय किए थे। किशोर आरोपी के खिलाफ मुकदमा अभी शुरू नहीं हुआ है और उसकी उम्र संबंधी याचिका पर जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट सुनवाई करेगा।

Published: 10 Jun 2019, 11:59 AM
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