तेलंगाना में नए दल का ऐलान, केसीआर की बेटी के. कविता ने 'तेलंगाना राष्ट्र सेना' नाम से पार्टी की घोषणा की

अपने पिता चंद्रशेखर राव और भाई के. टी. रामा राव पर हमला करते हुए कविता ने कहा कि केसीआर अब ‘‘राजनीतिक परिपक्वता’’ खो चुके हैं। साथ ही उन्होंने केसीआर को एक ‘बदला हुआ व्यक्ति’ बताया जिनमें कोई ‘संवेदना’ नहीं है।

तेलंगाना में नए दल का ऐलान, केसीआर की बेटी के. कविता ने 'तेलंगाना राष्ट्र सेना' नाम से पार्टी की घोषणा की
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नवजीवन डेस्क

तेलंगाना की राजनीति में एक नई क्षेत्रीय पार्टी का उदय हुआ है। तेलंगाना जागृति संगठन की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी के. कविता ने शनिवार को ‘तेलंगाना राष्ट्र सेना’ (टीआरएस) नाम से अपने नए राजनीतिक दल की शुरुआत क ऐलान किया। कविता ने हैदराबाद के बाहरी इलाके में आयोजित एक कार्यक्रम में अपनी पार्टी के नाम और एजेंडा की घोषणा करते हुए सत्तारूढ़ कांग्रेस, बीजेपी और बीआरएस पर तीखा हमला किया और अपने पिता केसीआर को एक ‘बदला हुआ व्यक्ति’ बताया जिनमें कोई ‘संवेदना’ नहीं है।

के. कविता के के पिता और पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने सबसे पहले तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) नाम से पार्टी की शुरुआत की थी। हालांकि, बाद में राष्ट्रव्यापी स्तर पर पार्टी के विस्तार की महत्वाकांक्षी योजना के मद्देनजर 2022 में इसका नाम बदलकर भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) कर दिया गया था।

अपनी पार्टी के ऐलान के मौते पर के कविता ने आरोप लगाया कि बीआरएस, कांग्रेस और बीजेपी अब भ्रष्टाचार, परिवारवाद और पक्षपात से ग्रस्त हैं। अपने पिता चंद्रशेखर राव और भाई के. टी. रामा राव पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि केसीआर अब ‘‘राजनीतिक परिपक्वता’’ खो चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने ‘पांचजन्य’ की घोषणा की, जिसमें मुफ्त शिक्षा और स्वास्थ्य सहित पांच वादे शामिल हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर केटीआर ऐसा बोलते हैं तो समझ में आता है। उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं है। लेकिन केसीआर कहते हैं कि लोगों ने गलती की। ठीक है, मान लेते हैं कि लोगों ने आपको सत्ता न देकर गलती की। एक मां के रूप में, अगर मेरा बेटा गलती करता है तो क्या मैं उसे छोड़ दूंगी? क्या मैं उसकी देखभाल नहीं करूंगी?’’ कविता ने कहा कि उन्होंने अपना राजनीतिक दल शुरू करने का फैसला इसलिए किया क्योंकि उनके पिता लोगों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।


के कविता ने कहा कि तेलंगाना के गठन के बाद पहले मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभालने वाले केसीआर को ‘सामाजिक तेलंगाना’ को हासिल करने और तेलंगान के गठन के वास्ते शुरू किए गए आंदोलन के तहत ‘पानी, निधि और रोजगार’ के मूल उद्देश्यों को साकार करने के लिए ठोस प्रयास करने चाहिए थे।

उन्होंने कहा कि केसीआर ने मौजूदा कांग्रेस शासन के दौरान जनता की प्रमुख समस्याओं पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, जिनमें हैदराबाद और खम्मम में सरकारी एजेंसियों द्वारा घरों को गिराना, भारी बारिश के दौरान खेतों में बाढ़ और हैदराबाद के पास चेवेल्ला में एक भीषण सड़क दुर्घटना में लगभग 20 लोगों की मौत शामिल है।

कविता ने कहा, ‘‘लोगों को छोटी-मोटी समस्या हो तो भी सर (केसीआर) नहीं आते, क्योंकि अब वह बदल गए हैं। अब वह एक मशीनी मानव बन गए हैं। गीदड़ों के चंगुल में फंसे हुए मनुष्य। मैं ये बात बड़े दुख से कह रही हूं।’’ उन्होंने कहा कि अगर केसीआर को तेलंगाना से प्यार होता तो वह मुख्यमंत्री रहते हुए पालमुरु रंगा रेड्डी सिंचाई परियोजना पूरी कर लेते। इसके बजाय, वह पंजाब, बिहार और दूसरे राज्यों में जाकर बीआरएस को एक राष्ट्रीय पार्टी के रूप में विस्तारित करने में जुट गए।

उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद बीआरएस ने अपना ‘‘मातृतुल्य स्वभाव’’ खो दिया और जब उन्होंने बीआरएस के शासनकाल में बनी कालेश्वरम परियोजना में कथित भ्रष्टाचार की ओर इशारा किया, तो केसीआर ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया लेकिन भ्रष्ट लोगों को अपने साथ रखा। कविता ने कहा, ‘‘ये हमारे केसीआर नहीं हैं। आज के केसीआर एक संवेदनहीन मशीनी गुड़िया हैं। अगर वो हमारे (पुराने) केसीआर होते, तो हम उनके पैर छूते।’’


मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी पर निशाना साधते हुए कविता ने उन्हें ‘हिटलर’ और निष्ठुर व्यक्ति बताया। उन्होंने खम्मम जिले के वेलुगुमातला में घरों को गिराए जाने, सामाजिक कल्याण आवासीय विद्यालयों में छात्रों की कथित मौत और पुलिस हिरासत में एक दलित युवक की मौत का जिक्र किया।

बीजेपी पर निशाना साधते हुए कविता ने आरोप लगाया कि पार्टी तेलंगाना के गठन के पक्ष में नहीं थी और सामाजिक न्याय की अवधारणा का विरोध करती थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पिछली टिप्पणियों का परोक्ष रूप से जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने कहा था कि बच्चे (तेलंगाना) को जन्म देने के लिए मां (आंध्र) की हत्या कर दी गई, जो तेलंगाना का अपमान है।

उन्होंने बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या की संसद में हालिया टिप्पणियों का भी जिक्र किया और दावा किया कि उन्होंने अविभाजित आंध्र प्रदेश को तेलंगाना और आंध्र में विभाजित करने की तुलना 1947 में हुए देश के विभाजन से की थी। उन्होंने कहा कि वह तेलंगाना के आठ बीजेपी सांसदों को चुनौती देती हैं कि ‘अगर उनमें जरा भी शर्म है तो वे राज्य विभाजन के दौरान आंध्र को हस्तांतरित किए गए तेलंगाना के पांच गांवों को वापस लाएं।

कविता ने 2028 के विधानसभा चुनाव के बाद अपनी पार्टी के सत्ता में आने का दावा करते हुए ‘पांचजन्य’ का प्रस्ताव रखा, जिसमें किसानों के लिए मुफ्त शिक्षा, स्वास्थ्य, मुफ्त बिजली और अन्य उपायों का वादा किया गया। साथ ही, एक अधिसूचना के माध्यम से चार लाख नौकरियों की भर्ती और सांसद एवं विधायक पदों में पिछड़ा वर्ग के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण के साथ ‘‘सामाजिक तेलंगाना’’ का निर्माण शामिल है।

सितंबर 2025 में कविता को बीआरएस से तब निलंबित कर दिया गया था जब उन्होंने अपने चचेरे भाई और पार्टी नेता टी. हरीश राव और रिश्तेदार जे. संतोष कुमार पर बीआरएस के शासन के दौरान निर्मित कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना को लेकर अपने पिता और बीआरएस अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव की छवि को खराब करने का आरोप लगाया था। निलंबन के बाद से वह तेलंगाना जागृति नामक अपने नेतृत्व वाले सांस्कृतिक संगठन के बैनर तले सार्वजनिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रही थीं।